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रिशु श्री गठजोड़ मामले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी, दो निलंबित IAS अधिकारियों पर FIR दर्ज होने की संभावना

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पटना। चर्चित रिशु श्री गठजोड़ मामले में अब बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, बिहार कैडर के दो निलंबित आईएएस अधिकारियों योगेश कुमार सागर और अभिलाषा कुमारी शर्मा के खिलाफ जल्द ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा सकती है। विशेष निगरानी इकाई (SVU) इस मामले में कार्रवाई के लिए राज्य सरकार की अनुमति का इंतजार कर रही है।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नवंबर 2025 में ही एसवीयू को पत्र लिखकर दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की जांच और कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके बाद एसवीयू ने गृह विभाग के माध्यम से राज्य सरकार से एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी थी। हालांकि उस समय अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका था। अब दोनों अधिकारियों के निलंबन के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि सरकार की अनुमति मिलते ही एसवीयू दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सकती है। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों की नजर बनी हुई है।

कौन हैं IAS योगेश कुमार सागर?

योगेश कुमार सागर वर्ष 2017 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। निलंबन से पहले वे समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय में निदेशक के पद पर कार्यरत थे। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी योगेश कुमार सागर का जन्म वर्ष 1988 में हुआ था।

उनके पिता कस्टम विभाग में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत रहे हैं। योगेश ने वर्ष 2012 में लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण की। शुरुआती चयन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में हुआ, लेकिन दोबारा परीक्षा देकर उन्होंने बेहतर रैंक हासिल की और आईएएस बने।

प्रशासनिक सेवा में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अररिया जिले के फारबिसगंज में एसडीओ के रूप में की थी। बाद में वे भागलपुर नगर निगम में नगर आयुक्त और बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (BUIDCO) के प्रबंध निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं।

कौन हैं IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा?

अभिलाषा कुमारी शर्मा वर्ष 2014 बैच की बिहार कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। निलंबन से पहले वे ग्रामीण विकास विभाग के तहत संचालित जीविका परियोजना (JEEViKA) में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ACEO) के पद पर कार्यरत थीं।

वर्ष 1989 में जन्मी अभिलाषा कुमारी शर्मा ने पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की है। उन्होंने अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्रालय से की थी।

बिहार में वे सीतामढ़ी की जिलाधिकारी (DM), वित्त विभाग में संयुक्त सचिव तथा कई अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। रिशु श्री मामले में उनका नाम सामने आने के बाद ईडी ने नवंबर 2025 में एसवीयू को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था। उन पर पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।

कार्रवाई पर टिकी निगाहें

रिशु श्री गठजोड़ मामले में दोनों अधिकारियों के नाम सामने आने के बाद यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब राज्य सरकार के अंतिम निर्णय और एसवीयू की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं। यदि अनुमति मिलती है तो यह बिहार प्रशासनिक सेवा के हालिया वर्षों के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में से एक बन सकता है।