प्रयागराज। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित साउथ मलाका में मंगलवार को एक ऐसा हत्याकांड सामने आया जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। एक मकान के अंदर एक ही परिवार के तीन सदस्यों के शव मिलने के बाद पुलिस जांच में जुटी ही थी कि ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक बंद दुकान से चौथा शव भी बरामद हो गया। चौथे मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है, जिससे मामला और अधिक उलझ गया है।
स्थानीय लोगों ने मकान से तेज दुर्गंध आने पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि ऊपरी मंजिल तक जाने वाले लोहे के गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था। ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर अलग-अलग कमरों में तीन शव पड़े मिले।
मृतकों की पहचान 70 वर्षीय कारोबारी वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी अंकिता वैश्य और 45 वर्षीय अविवाहित बेटी मीनाक्षी वैश्य के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में तीनों के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस को मकान के निचले हिस्से में स्थित एक बंद दुकान से एक और शव मिला। इस व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चौथे मृतक का परिवार से क्या संबंध था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। वीरेंद्र वैश्य इलाके के पुराने व्यवसायी थे। उन्होंने अपने मकान के निचले हिस्से में मार्केट विकसित कर रखी थी, जहां 13 दुकानें किराए पर संचालित होती थीं। उनकी बेटी मीनाक्षी एक गिफ्ट सेंटर चलाती थीं।
मामले में एक और अहम पहलू परिवार का इकलौता बेटा अभिषेक वैश्य है, जो पिछले तीन-चार दिनों से लापता बताया जा रहा है। पड़ोसियों के अनुसार अभिषेक फ्लोर क्लीनिंग का कारोबार करता था और हाल के दिनों में उसे इलाके में नहीं देखा गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार, एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं, जबकि सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस हत्या, पारिवारिक विवाद, संपत्ति और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। चौथे शव की पहचान और लापता बेटे का पता चलने के बाद इस रहस्यमयी हत्याकांड से पर्दा उठने की उम्मीद है।






