बुंदेलखंड का वो लोकगीत, जिसे सुन आज भी थिरक उठते हैं पैर; अनिल कपूर की 'सूबेदार' का भी बना हिस्सा
भारत की लोक संस्कृति अपनी विविधता और समृद्ध परंपराओं के लिए दुनियाभर में जानी जाती है। हर क्षेत्र की अपनी अलग पहचान, बोली और लोकगीत हैं, जो वहां की मिट्टी की खुशबू को संजोए हुए हैं। इन्हीं में से एक है बुंदेलखंड का लोकप्रिय लोकगीत “फूलमती”, जिसकी धुन और बोल आज भी लोगों को झूमने पर मजबूर कर देते हैं।
यह लोकगीत वर्षों से बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा रहा है। शादी-ब्याह, मेलों और पारंपरिक आयोजनों में इसकी गूंज सुनाई देती है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब यह लोकधुन बड़े पर्दे तक पहुंच चुकी है।
फिल्म ‘सूबेदार’ में सुनाई देगा बुंदेलखंड का रंग
बॉलीवुड अभिनेता Anil Kapoor की आगामी फिल्म ‘सूबेदार’ में बुंदेलखंड के इस मशहूर लोकगीत को शामिल किया गया है। फिल्म में लोक संस्कृति और क्षेत्रीय संगीत को खास महत्व दिया गया है, जिसके तहत “फूलमती” को नए अंदाज में पेश किया जाएगा।
फिल्म से जुड़े इस कदम को बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। इससे न केवल स्थानीय कलाकारों और लोकसंगीत को नई पहचान मिलेगी, बल्कि युवा पीढ़ी भी अपनी लोक विरासत से जुड़ सकेगी।
पीढ़ियों से लोगों की जुबान पर है ‘फूलमती’
“फूलमती” सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि बुंदेलखंड के जनजीवन, प्रेम, उत्सव और लोक भावनाओं का प्रतीक माना जाता है। इसकी सरल भाषा, लोकधुन और पारंपरिक संगीत लोगों के दिलों में खास जगह रखते हैं।
ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक, यह गीत आज भी उतना ही लोकप्रिय है जितना दशकों पहले था। यही वजह है कि जब भी इसकी धुन बजती है, लोगों के कदम खुद-ब-खुद थिरकने लगते हैं।
लोक संस्कृति को मिलेगा नया मंच
फिल्मों में लोकगीतों के इस्तेमाल से क्षेत्रीय कला और संस्कृति को व्यापक पहचान मिलती है। “फूलमती” का ‘सूबेदार’ में शामिल होना इस बात का संकेत है कि भारतीय सिनेमा अब स्थानीय लोकधुनों और सांस्कृतिक विरासत को भी प्रमुखता देने लगा है।
बुंदेलखंड के लोगों के लिए यह गर्व का विषय है कि उनकी लोक संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचने जा रहा है।
लोकगीत “फूलमती” की यही खासियत है कि समय बदल गया, पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन इसकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है।
