चित्रकूट के बहुचर्चित आयुष हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। 13 वर्षीय आयुष केशरवानी उर्फ छोटू के अपहरण और हत्या के मामले में फरार चल रहे दो इनामिया आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित था। गौरतलब है कि जनवरी 2026 में बरगढ़ कस्बे के निवासी 13 वर्षीय आयुष केशरवानी उर्फ छोटू का अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने परिजनों से 40 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी। फिरौती की रकम नहीं मिलने पर आरोपियों ने मासूम की हत्या कर दी थी। इस जघन्य वारदात से पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में कई पुलिस टीमों का गठन किया गया था। जांच के दौरान मुख्य आरोपी इरफान अंसारी और कल्लू उर्फ साहिबे इमाम की संलिप्तता सामने आई थी। पुलिस ने दोनों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था, जिसमें कल्लू उर्फ साहिबे इमाम की मौत हो गई थी।
विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि नौशाद अंसारी और इरशाद अंसारी भी इस पूरे षड्यंत्र में शामिल थे। दोनों आरोपी प्रयागराज जनपद के घूरपुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं और लंबे समय से फरार चल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
गुरुवार को मऊ थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर उभारी करमा गांव में दबिश देकर दोनों इनामिया आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयुष हत्याकांड में फरार दोनों इनामिया आरोपियों की गिरफ्तारी को चित्रकूट पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






