राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन समारोह में राबड़ी देवी द्वारा एक लोक कलाकार को कंगन भेंट किए जाने का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप लेता जा रहा है, इस मुद्दे पर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। वहीं, अब इस पूरे विवाद पर आरजेडी नेता और लालू-राबड़ी के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की भी प्रतिक्रिया सामने आई है।
शनिवार को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने कंगन विवाद को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि खुशी के मौके पर दान देना कोई असामान्य बात नहीं है, उन्होंने कहा कि यदि कोई कलाकार घर आता है तो उसे सम्मान देकर विदा करना भारतीय परंपरा का हिस्सा है।
जन्मदिन समारोह से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन के अवसर पर पटना स्थित राबड़ी आवास में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में शामिल लोक कलाकार छोटू छलिया को राबड़ी देवी ने अपने हाथ से कंगन उतारकर भेंट कर दिया, विवाद तब शुरू हुआ जब कलाकार ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्हें राबड़ी देवी ने हीरे का कंगन उपहार में दिया है, इसके बाद राजनीतिक हलकों में इस कंगन की कीमत और उसके स्रोत को लेकर सवाल उठने लगे।
क्या बोले तेज प्रताप यादव?
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा, “हीरे का कंगन है या सोने का कंगन, लोग खुशी में दान करते हैं, कोई कलाकार दरवाजे पर आएगा तो खाली हाथ थोड़ी जाएगा, दान कर दिया तो कौन सी बड़ी बात हो गई,” तेज प्रताप ने इस पूरे विवाद को अनावश्यक बताते हुए कहा कि सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों का सम्मान करना सामान्य परंपरा है और इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
जेडीयू ने उठाए सवाल
इस मामले को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) लगातार सवाल उठा रही है, पार्टी के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार ने कंगन की कीमत और उसकी खरीद से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है, नीरज कुमार का कहना है कि यदि यह वास्तव में हीरे का कंगन है तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि इसे कब और किस स्रोत से खरीदा गया, उन्होंने राबड़ी देवी से खरीद का बिल दिखाने की मांग करते हुए मामले की जांच कराने की भी बात कही है।
आरजेडी का बचाव, कंगन को बताया आर्टिफिशियल
विवाद बढ़ने के बीच आरजेडी नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है, पार्टी नेता सुनील सिंह ने दावा किया है कि जिस कंगन को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह हीरे का नहीं बल्कि आर्टिफिशियल (कृत्रिम) कंगन है, आरजेडी नेताओं का कहना है कि एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकार को सम्मानित करने की सामान्य घटना को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
सियासी बयानबाजी जारी
कंगन को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जांच या प्रमाण सामने नहीं आया है कि वह हीरे का था, सोने का था या आर्टिफिशियल, इसके बावजूद इस मुद्दे पर बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, खासकर तब जब विपक्ष इस मुद्दे को सार्वजनिक मंचों पर लगातार उठाने की तैयारी में है, वहीं आरजेडी इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश करार दे रही है।






