अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों की जांच अब तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) सोमवार को अयोध्या पहुंचकर मामले की पड़ताल शुरू करेगा। सूत्रों के अनुसार, तीन सदस्यीय एसआईटी की टीम सुबह लखनऊ से रवाना होगी और दोपहर तक राम मंदिर परिसर पहुंचकर जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
बताया जा रहा है कि एसआईटी दोपहर करीब 1 से 2 बजे के बीच अयोध्या पहुंचेगी। इसके बाद टीम मंदिर प्रशासन, संबंधित कर्मचारियों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच करेगी। साथ ही मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र कर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
गौरतलब है कि राम मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे को लेकर हाल के दिनों में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इन आरोपों के बाद प्रदेश सरकार ने मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है।
इस जांच दल में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी एस. किरण और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है। सरकार ने टीम को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के अंदर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि जांच के दौरान वित्तीय रिकॉर्ड, दान संग्रहण प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।
उधर, एसआईटी के गठन को लेकर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने सरकार के त्वरित फैसले की सराहना की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जिस तेजी से जांच का निर्णय लिया है, वह प्रशंसनीय है। उनके अनुसार, शनिवार को एसआईटी के गठन का फैसला लिया गया था और अब टीम पूरी गंभीरता के साथ अपना कार्य शुरू करने जा रही है।
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि एसआईटी के सदस्य अयोध्या रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद वे अयोध्या पहुंचकर जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी प्रकार की ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है। उनके मुताबिक, इस प्रकरण के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। पहला, यदि कोई आपराधिक कृत्य हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, और दूसरा, भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति को रोकने के लिए व्यवस्थागत सुधार सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
मिश्रा ने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है। राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और किसी भी तरह की शंका या विवाद का पारदर्शी समाधान जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंदिर ट्रस्ट जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देगा। साथ ही जिला प्रशासन ने भी जांच में हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
अब सभी की निगाहें एसआईटी की जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जा सकती है।






