Home Uttar Pradesh महिला सशक्तीकरण का यूपी मॉडल, सुरक्षा, सम्मान और रोजगार के नए आयाम

महिला सशक्तीकरण का यूपी मॉडल, सुरक्षा, सम्मान और रोजगार के नए आयाम

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लखनऊ। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार ने महिला सशक्तीकरण को नई दिशा देने का दावा किया है। सरकार का कहना है कि बीते वर्षों में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की गई हैं, जिनका लाभ लाखों महिलाओं तक पहुंचा है। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में एंटी रोमियो स्क्वॉड, महिला हेल्पलाइन 1090, महिला हेल्प डेस्क और मिशन शक्ति अभियान जैसे कदम उठाए गए। इसके साथ ही पुलिस भर्ती में महिलाओं को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जिसके चलते प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई है। सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण और संवेदनशील पुलिसिंग को बढ़ावा मिला है।

आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी कई योजनाएं संचालित की गई हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत प्रदेश के करीब 1.86 करोड़ परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए, जिससे महिलाओं को धुएं से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिली है। वहीं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से अब तक 27.37 लाख से अधिक बालिकाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

सरकार के अनुसार प्रदेश में लगभग एक करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित इन समूहों के माध्यम से महिलाएं डेयरी, हस्तशिल्प, कृषि प्रसंस्करण, खाद्य उत्पाद और अन्य लघु उद्योगों से जुड़कर आय अर्जित कर रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि हुई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल ‘लखपति दीदी’ अभियान को भी प्रदेश में व्यापक स्तर पर लागू किया गया है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार अब तक 18.55 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाओं को कौशल विकास, प्रशिक्षण, विपणन और वित्तीय सहायता देकर उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनी प्रावधानों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में चलाए गए इस अभियान को सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों में भी कमी दर्ज की गई है। एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि दहेज उत्पीड़न और हत्या, महिलाओं के अपहरण तथा दुष्कर्म के मामलों की दर में पिछले वर्षों की तुलना में गिरावट आई है।

सरकार का कहना है कि महिला सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण पर समान रूप से ध्यान दिए जाने के कारण उत्तर प्रदेश की महिलाएं अब केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास यात्रा की सक्रिय भागीदार बनकर उभर रही हैं। प्रदेश में महिला सशक्तीकरण को विकास के व्यापक एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।