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2027 से पहले ब्राह्मण कार्ड पर सियासत तेज, मंत्री मनोज पांडेय के निशाने पर अखिलेश यादव

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उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी सामाजिक समीकरणों को साधना शुरू कर दिया है। इसी बीच समाजवादी पार्टी द्वारा ब्राह्मण समाज को साधने की कवायद के बीच उसके बागी हो चुके विधायक और योगी सरकार में मंत्री मनोज पांडेय ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है।मनोज पांडेय ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में अखिलेश यादव से सवाल करते हुए कहा कि आखिर समाजवादी पार्टी की ब्राह्मण समाज को लेकर नीति क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले ब्राह्मणों के खिलाफ माहौल बनाया जाता है और पिछड़ा, दलित तथा अल्पसंख्यक समाज के बीच उनके प्रति नकारात्मक संदेश दिया जाता है, लेकिन चुनाव आते ही ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित किए जाने लगते हैं।

मंत्री ने एक पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि एक पत्रकार से उसका सरनेम पूछकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया था। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने ब्राह्मण समाज के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया, लेकिन पार्टी नेतृत्व की ओर से न तो उसका खंडन किया गया और न ही कोई माफी मांगी गई।

मनोज पांडेय ने सवाल उठाया कि यदि ब्राह्मण समाज के सम्मान की बात की जा रही है तो ब्राह्मण सम्मेलन में स्वयं अखिलेश यादव क्यों नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि क्या ब्राह्मण समाज सिर्फ चुनाव के समय ही याद आता है।

उन्होंने कहा कि पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक और ब्राह्मण समाज किसी भी राजनीतिक दल का वोट बैंक नहीं है। जनता अब दिखावे और वास्तविकता के बीच का अंतर समझ चुकी है। उनके मुताबिक सनातन समाज सम्मान, स्वाभिमान और सामाजिक समरसता के आधार पर एकजुट हो रहा है।

मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसकी राजनीति समाज को जोड़ने की है या फिर वोट के लिए जातीय विभाजन करने की। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब दोहरे राजनीतिक चरित्र को पहचान चुकी है और 2027 के चुनाव में इसका जवाब देगी।