जून का महीना समाप्त होने के साथ ही हिंदू पंचांग का चौथा महीना आषाढ़ शुरू होने जा रहा है। इस वर्ष आषाढ़ का महीना कई कारणों से विशेष माना जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि महीने की शुरुआत मंगलवार से होगी और पूरे आषाढ़ मास में चार नहीं, बल्कि पांच मंगलवार पड़ेंगे।ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह संयोग भगवान श्रीहनुमान की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि आषाढ़ के मंगलवार को विधि-विधान से बजरंगबली की पूजा करने से संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
क्यों खास हैं आषाढ़ के मंगलवार?
ज्योतिषाचार्य पंडित राम गोविंद शास्त्री के अनुसार, आषाढ़ माह मानसून की शुरुआत का समय होता है। इस दौरान मौसम में तेजी से बदलाव आता है और प्राकृतिक परिस्थितियां भी बदलती हैं।भगवान हनुमान जी को पवनपुत्र माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस महीने मंगलवार के दिन उनकी पूजा-अर्चना करने से प्राकृतिक विपत्तियों, रोगों और जीवन की बाधाओं से रक्षा होती है।
आषाढ़ में क्यों बढ़ता है वायु प्रकोप?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ माह में वायु का प्रभाव बढ़ जाता है। इस कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका भी अधिक रहती है।
मान्यता है कि इस समय:
- खुले स्थान पर सोने से बचना चाहिए।
- मौसम परिवर्तन के कारण स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- हनुमान जी की आराधना करने से मानसिक और शारीरिक शक्ति प्राप्त होती है।
विद्यार्थियों के लिए क्यों शुभ माना जाता है आषाढ़?
हनुमान चालीसा में भगवान हनुमान को “अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता” कहा गया है।
धार्मिक मान्यता है कि आषाढ़ माह में नियमित रूप से:
- हनुमान चालीसा का पाठ,
- सुंदरकांड का पाठ,
- और मंगलवार का व्रत
करने से विद्यार्थियों की एकाग्रता, स्मरण शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
आषाढ़ 2026 के प्रमुख व्रत और त्योहार
आषाढ़ माह धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस महीने कई प्रमुख पर्व और व्रत मनाए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं—
- भड़रिया नवमी
- देवशयनी एकादशी
- गुरु पूर्णिमा
- भगवान श्रीहनुमान की विशेष मंगलवार पूजा
इस बार क्यों खास हैं 5 मंगलवार?
आमतौर पर आषाढ़ माह में चार मंगलवार पड़ते हैं, लेकिन इस बार पंचांग के विशेष संयोग के कारण पूरे महीने पांच मंगलवार आएंगे।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पांच मंगलवार तक लगातार हनुमान जी की पूजा, व्रत और हनुमान चालीसा का पाठ करने से—
- भय और संकट दूर होते हैं।
- ग्रह दोषों का प्रभाव कम होता है।
- स्वास्थ्य एवं मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है।
- परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
आषाढ़ के मंगलवार पर करें ये आसान उपाय
- सुबह स्नान कर भगवान हनुमान को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें।
- हनुमान चालीसा एवं बजरंग बाण का पाठ करें।
- गुड़ और चने का भोग लगाएं।
- जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करें।
- पीपल या बरगद के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं।






