अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले के बीच आज होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है।सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे इस बैठक में स्वीकार किए जा सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो राम मंदिर ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।सबसे बड़ा सवाल है चंपत राय की जगह कौन लेगा?
महासचिव पद की दौड़ में तीन नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। बजरंग लाल बागड़ा, कृष्णमोहन और नीरज दौनेरिया। लेकिन इनमें सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा।बागड़ा सिर्फ संगठन के नेता नहीं हैं, बल्कि केंद्र सरकार के नवरत्न उपक्रम NALCO के पूर्व चेयरमैन भी रह चुके हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के साथ-साथ उन्हें वित्तीय प्रबंधन और बड़े संगठनों को चलाने का लंबा अनुभव है।दिलचस्प बात यह भी है कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में दर्ज एफआईआर कृष्णमोहन की शिकायत पर ही हुई थी। ऐसे में ट्रस्ट की इस बैठक में लिए जाने वाले फैसले बेहद अहम माने जा रहे हैं।सूत्रों के अनुसार, बैठक में एसआईटी की शुरुआती जांच रिपोर्ट भी पेश हो सकती है।
साथ ही ट्रस्ट की ऑडिट रिपोर्ट, नए ट्रस्टियों की नियुक्ति, मंदिर प्रबंधन में सुधार और सीईओ नियुक्ति जैसे बड़े मुद्दों पर भी चर्चा संभव है।अब सबकी निगाहें अयोध्या पर हैं। क्या ट्रस्ट में नेतृत्व परिवर्तन होगा? क्या एसआईटी रिपोर्ट नए खुलासे करेगी? और क्या राम मंदिर ट्रस्ट की नई टीम विवादों पर विराम लगा पाएगी? आज की बैठक कई बड़े सवालों के जवाब तय कर सकती है।






