राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी को पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं, इस मामले में अयोध्या पुलिस ने चंपत राय के करीबी बताए जा रहे टिन्नू यादव समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है पुलिस के अनुसार, पूछताछ में कुछ आरोपियों ने कथित तौर पर चढ़ावा चोरी की बात स्वीकार की है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आरोपी अनुकल्प मिश्रा और अविनाश ने पुलिस पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि चढ़ावे से जुड़े पैसे का इस्तेमाल शेयर बाजार में निवेश करने और ब्याज पर देने के लिए किया गया, इन दावों की जांच जारी है।
अनुकल्प के घर से जमीन के दस्तावेज बरामद
पूछताछ के बाद पुलिस अनुकल्प मिश्रा को उसके अयोध्या स्थित घर भी लेकर गई, जहां करीब 20 मिनट तक तलाशी ली गई, इस दौरान उसके नाम पर खरीदी गई लगभग एक एकड़ जमीन के दस्तावेज बरामद किए गए। दस्तावेजों के अनुसार, जमीन करीब 6.70 लाख रुपये में खरीदी गई थी, जबकि स्थानीय स्तर पर इसकी मौजूदा बाजार कीमत इससे कहीं अधिक बताई जा रही है।
रिश्तेदारों के खातों से हुए लेन-देन की जांच
जांच एजेंसियों का आरोप है कि चढ़ावा चोरी की कथित रकम को आरोपियों ने अपने करीबी सहयोगियों और रिश्तेदारों के बीच बांटा, इसके बाद विभिन्न बैंक खातों के जरिए वित्तीय लेन-देन किए गए, मामले की जांच के तहत पुलिस ने आरोपियों और उनके परिजनों से जुड़े करीब 30 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है, इससे पहले पुलिस लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे को भी उनके घर ले जाकर तलाशी अभियान चला चुकी है।
नकदी, सोने के गहने और कार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से नोटों की गड्डियां, सोने के गहने और एक कार बरामद करने की पुष्टि की है हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस आरोपी के घर से क्या बरामद हुआ और कुल कितनी नकदी मिली, बरामदगी और वित्तीय लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है।
फिलहाल पुलिस मामले की वित्तीय कड़ियों, संपत्तियों और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच कर रही है, आरोपियों के कथित बयानों और बरामद दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।






