लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से छात्र-छात्राओं और उनके परिवारों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मायावती ने सरकार और संवैधानिक संस्थाओं से इस पूरे मामले का शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने की अपील की।
मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में संसद के नजदीक जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और परीक्षाओं में अन्य गड़बड़ियों के कारण छात्र और उनके परिवार परेशान हैं। इस मुद्दे के राजनीतिकरण के चलते अब यह मामला सरकार के साथ सीधे टकराव की स्थिति में पहुंचता दिखाई दे रहा है, जिससे देश को जल्द बाहर निकालना जरूरी है।
BSP प्रमुख ने कहा कि इस पूरे मामले का असर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न राज्यों में भी आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर से जुड़े चढ़ावे में कथित चोरी और गबन से लेकर देश और राज्यों में होने वाली परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे मामले मूल रूप से भ्रष्टाचार के बढ़ते प्रभाव का परिणाम हैं।
मायावती ने इसे ‘संवैधानिक नैतिकता’ से भी जुड़ा विषय बताया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक नैतिकता के अभाव में भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खोखला कर रहा है। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सुशासन के लिए संवैधानिक नैतिकता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया था।
उन्होंने कहा कि देश और जनहित से जुड़े मौजूदा हालात के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए सरकार और न्यायालय समेत सभी संवैधानिक संस्थाओं को अपनी भूमिका निभाने की पहल करनी चाहिए। मायावती ने यह भी कहा कि छात्रों के व्यापक होते आंदोलन का विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा अपने-अपने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों के लिए इस्तेमाल करना और सड़क से संसद तक टकराव या हिंसा की स्थिति पैदा करना उचित नहीं है। मायावती ने सरकार और आंदोलनकारी छात्रों, दोनों से मिलकर जल्द से जल्द शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि देशहित में इस विवाद का समाधान जितनी जल्दी हो, उतना ही बेहतर होगा।
