उत्तर प्रदेश सरकार की संगठित अपराध और भू-माफियाओं के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट ने माफिया अतीक अहमद से जुड़ी बड़ी बेनामी संपत्ति कुर्क की है, मंगलवार को पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई में गैंगस्टर एक्ट के तहत करीब 20.38 बीघा भूमि जब्त की गई, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत लगभग ₹110 करोड़ बताई जा रही है।
पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई
पुलिस आयुक्त न्यायालय के आदेश पर धूमनगंज और कैंट थाना पुलिस ने राजस्व विभाग के साथ मिलकर यह कार्रवाई की अधिकारियों के अनुसार, यह भूमि अतीक अहमद द्वारा कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन से खरीदी गई थी, कुल 5.112668 हेक्टेयर (करीब 20.38 बीघा) भूमि को गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कुर्क किया गया।
बेनामी नाम पर खरीदी गई थी जमीन
जांच में सामने आया कि जमीन अतीक अहमद या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर नहीं थी। पुलिस के मुताबिक, कानून से बचने के लिए कथित तौर पर अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति मदन लाल भारतीय के नाम पर बेनामी रजिस्ट्री कराई गई, पुलिस का दावा है कि वास्तविक निवेश अतीक अहमद का था, जबकि दूसरे व्यक्ति का नाम केवल औपचारिक रूप से इस्तेमाल किया गया।
कम कीमत दिखाकर कराई गई रजिस्ट्री
पुलिस जांच के अनुसार, सदर तहसील के भीटी ताल्लुका असदुल्लापुर, कटहुला गौसपुर, शाहा उर्फ पीपलगांव और मंदरी गांवों में फैली करीब 12.9544 हेक्टेयर भूमि का सौदा किया गया था, जांच में यह भी सामने आया कि जिन जमीनों की सरकारी कीमत लगभग ₹9.99 करोड़ थी, उनकी रजिस्ट्री में केवल ₹1.36 करोड़ का प्रतिफल दर्शाया गया, अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक बाजार मूल्य इससे कई गुना अधिक था।
राजस्व नियमों के उल्लंघन का खुलासा
राजस्व विभाग की जांच में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 89(2) के उल्लंघन की भी पुष्टि हुई, इसके बाद 6.5003 हेक्टेयर भूमि को राज्य सरकार के बंजर खाते में दर्ज कर दिया गया, जबकि शेष भूमि पर पुलिस आयुक्त न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्की के आदेश जारी किए, कार्रवाई के दौरान भीटी ताल्लुका असदुल्लापुर की 30 आराजियां और कटहुला गौसपुर की 14 आराजियां, यानी कुल 44 आराजियां, कुर्क की गईं, इनकी सरकारी कीमत करीब ₹47 करोड़, जबकि वर्तमान बाजार मूल्य लगभग ₹110 करोड़ आंका गया है।
जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक
प्रशासन ने कुर्क की गई भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे, निर्माण या खरीद-बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है, निगरानी की जिम्मेदारी थाना प्रभारी एयरपोर्ट को प्रशासक के रूप में सौंपी गई है, इसके अलावा, जिलाधिकारी के माध्यम से सदर प्रथम और सदर द्वितीय के सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को निर्देश जारी किए गए हैं कि संबंधित भूमि के किसी भी प्रकार के पंजीकरण, हस्तांतरण या बिक्री की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन का संदेश
इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश सरकार की संगठित अपराध, अवैध संपत्ति और भू-माफियाओं के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, अधिकारियों का कहना है कि अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।






