लखनऊ, 2 अगस्त। उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार, 3 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। सत्र के सुचारु संचालन को लेकर रविवार को विधान भवन में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी जनप्रतिनिधियों से जनहित से जुड़े हर मुद्दे को सदन में गंभीरता से उठाने और प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर स्वस्थ एवं सकारात्मक चर्चा करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद का विशेष महत्व है और सदन जनप्रतिनिधियों को जनता से जुड़े मुद्दों पर संवाद का प्रभावी मंच उपलब्ध कराता है। स्वस्थ चर्चा और संवाद से निकलने वाले परिणाम जनोपयोगी होते हैं। उन्होंने कहा कि सभी दलों के सहयोग से पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश विधानसभा ने संसदीय कार्यप्रणाली के क्षेत्र में देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
सीएम योगी ने कहा कि सदन में होने वाली सकारात्मक चर्चा और संवाद का असर प्रदेश के विकास पर भी दिखाई देता है। यही वजह है कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश को लेकर देश और दुनिया की धारणा में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र और जनता से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण मुद्दे को सदन में मजबूती से रखें, ताकि समस्याओं के समाधान का रास्ता निकले और विकास को नई गति मिले।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों से भी सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से संचालित करने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए और सभी सदस्य सकारात्मक वातावरण में जनहित के मुद्दों पर चर्चा करें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बहस से न केवल प्रदेश के विकास को गति मिलती है, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान में भी मदद मिलती है।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी सभी दलों के नेताओं और सदस्यों से मानसून सत्र को व्यवस्थित एवं सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने सदन की गरिमा बनाए रखते हुए जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा का आह्वान किया।
सर्वदलीय बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’, निषाद पार्टी विधानमंडल दल के नेता रमेश सिंह, अपना दल (एस) के आरके पटेल और राष्ट्रीय लोकदल के राजपाल बालियान समेत विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।






