Home Uttar Pradesh मशरूम उत्पादन में उत्तर प्रदेश ने रचा नया कीर्तिमान, देश में नंबर-1

मशरूम उत्पादन में उत्तर प्रदेश ने रचा नया कीर्तिमान, देश में नंबर-1

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उत्तर प्रदेश ने बागवानी के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने मशरूम उत्पादन में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वर्ष 2024-25 में उत्तर प्रदेश में करीब 51 हजार मीट्रिक टन मशरूम का उत्पादन हुआ, जो देश के कुल 4.27 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लगभग 13 प्रतिशत है। यह उपलब्धि किसानों की मेहनत, आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम मानी जा रही है।

उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैल्यू एडेड फसलों को लगातार बढ़ावा दे रही है। मशरूम उत्पादन इसी प्रयास का सफल उदाहरण है। सरकार का फोकस किसानों की उपज के संरक्षण, मूल्य संवर्धन और बेहतर विपणन के माध्यम से उनकी आय बढ़ाने पर है।

मशरूम की खेती किसानों के लिए इसलिए भी लाभकारी है क्योंकि इसके लिए अधिक भूमि की आवश्यकता नहीं होती। कम लागत में शुरू होने वाली यह फसल लगभग तीन से चार सप्ताह में तैयार हो जाती है। उद्यान विभाग की ओर से एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।

वर्ष 2025-26 में मशरूम उत्पादन, कंपोस्ट मेकिंग और स्पॉन मेकिंग की करीब 30 इकाइयों को 40 प्रतिशत अनुदान पर स्वीकृति दी गई है। वहीं 200 वर्ग फुट की छप्पर विधि आधारित मशरूम इकाइयों की स्थापना के लिए 50 प्रतिशत, अधिकतम एक लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के तहत करीब 80 इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। एक लाभार्थी को अधिकतम पांच इकाइयों तक अनुदान का लाभ दिया जा सकता है।

मशरूम उत्पादन अब केवल किसानों की आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। प्रदेश के लखनऊ, प्रयागराज, सहारनपुर, मीरजापुर, जौनपुर, हरदोई, बस्ती, मेरठ, प्रतापगढ़, रायबरेली और सोनभद्र समेत कई जिलों में मशरूम की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है। उद्यान विभाग किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों का प्रशिक्षण देने के साथ तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध करा रहा है, ताकि उत्पादन की गुणवत्ता और किसानों की आय दोनों में लगातार वृद्धि हो सके।

उद्यान मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राष्ट्रीय बागवानी मिशन, उद्यान विकास योजना, एकीकृत बागवानी विकास कार्यक्रम, पॉलीहाउस एवं संरक्षित खेती, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई, गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री, नर्सरी विकास, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन और कटाई उपरांत प्रबंधन जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है। इन योजनाओं के जरिए किसानों और बागवानों को आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और बेहतर उत्पादन के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ उत्तर प्रदेश को बागवानी और वैल्यू एडेड कृषि के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है।

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