नई दिल्ली: निर्दलीय लोकसभा सांसद पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जूता फेंके जाने का मामला अब राजनीतिक और सुरक्षा के लिहाज से चर्चा का विषय बन गया है। घटना के बाद सांसद ने दावा किया है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने पूरे मामले की शिकायत पुलिस और लोकसभा अध्यक्ष से करते हुए सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
मीडिया से बातचीत में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा कि घटना के अगले ही दिन उन्हें कई धमकी भरे फोन कॉल प्राप्त हुए। उनके अनुसार, सोमवार सुबह से अब तक उन्हें पांच अलग-अलग कॉल आए, जिनमें कॉल करने वाले स्वयं को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़ा बता रहे थे। पप्पू यादव का दावा है कि कॉल करने वालों ने उन्हें घर से बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी दी।
परिवार को भी निशाना बनाने का आरोप
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि केवल उन्हें ही नहीं, बल्कि उनके परिवार को भी निशाना बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, दो दिन पहले कुछ लोग उनके बच्चों के घर तक पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
हमलावरों को लेकर लगाए गंभीर आरोप
सांसद ने दावा किया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा करने वाले लोगों के संबंध प्रभावशाली राजनीतिक नेताओं से हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित लोगों की तस्वीरें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के साथ मौजूद हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पप्पू यादव ने यह भी दावा किया कि कुछ लोग उनके खिलाफ माहौल बनाकर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से उन्हें जिंदा जलाने जैसी धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ कथित तौर पर इनाम घोषित किए जाने जैसी बातें भी सामने आई हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या हुआ था?
रविवार को दिल्ली स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक युवक ने अचानक पप्पू यादव पर जूता फेंक दिया। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद समर्थकों ने युवक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। हालांकि, पप्पू यादव ने स्वयं हस्तक्षेप कर युवक को भीड़ से छुड़ाया और पुलिस के हवाले कर दिया।
जूता फेंकने वाले युवक ने आरोप लगाया था कि सांसद ने हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। वहीं पप्पू यादव का दावा है कि घटना केवल विरोध तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनके अनुसार कुछ लोग हथियार लेकर उनकी हत्या की नीयत से पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति के पास चाकू था, जबकि दूसरा कथित तौर पर हथियार लेकर मौके से फरार हो गया। इन दावों की जांच पुलिस कर रही है।
पुलिस जांच जारी
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही हैं। वहीं, पप्पू यादव ने निष्पक्ष जांच और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई है।
अब यह मामला केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुए विरोध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सांसद द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और कथित धमकियों के चलते राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।






