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‘रामायण’ रिलीज से पहले बढ़ा विवाद! दिल्ली श्रीरामलीला महासंघ ने मांगी स्पेशल स्क्रीनिंग, विरोध प्रदर्शन की दी चेतावनी

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नई दिल्ली: निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ रिलीज से पहले ही चर्चाओं और विवादों के केंद्र में आ गई है। रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश और रवि दुबे अभिनीत इस मेगा बजट फिल्म का ट्रेलर 30 जुलाई को जारी होने के बाद दर्शकों के बीच उत्साह बढ़ा है। हालांकि, इसी के साथ फिल्म की कास्टिंग और धार्मिक प्रस्तुति को लेकर कुछ संगठनों ने सवाल भी उठाने शुरू कर दिए हैं।

इसी बीच दिल्ली श्रीरामलीला महासंघ ने फिल्म के निर्माताओं और निर्देशक नितेश तिवारी को पत्र लिखकर फिल्म की रिलीज से पहले विशेष स्क्रीनिंग आयोजित करने की मांग की है। महासंघ का कहना है कि यदि फिल्म में धार्मिक मान्यताओं के विपरीत कोई दृश्य पाया गया, तो देशभर में इसका विरोध किया जाएगा।

रिलीज से पहले विशेष स्क्रीनिंग की मांग

श्रीरामलीला महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने फिल्म के निर्माता और निर्देशक को भेजे गए आधिकारिक पत्र में अनुरोध किया है कि दिवाली पर भारत और विदेशों में फिल्म की रिलीज से पहले महासंघ के प्रतिनिधियों के लिए विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की जाए। उनका कहना है कि इससे फिल्म में धार्मिक और सांस्कृतिक तथ्यों को लेकर किसी संभावित विवाद से पहले चर्चा की जा सकेगी।

महासंघ का मानना है कि भगवान श्रीराम, माता सीता और रामायण से जुड़े पात्र करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं, इसलिए इनके चित्रण में विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए।

‘आदिपुरुष’ विवाद का भी किया जिक्र

अपने पत्र में महासंघ ने प्रभास और कृति सेनन अभिनीत फिल्म ‘आदिपुरुष’ का भी उल्लेख किया। संगठन का कहना है कि उस फिल्म में कई ऐसे दृश्य और संवाद थे, जिन पर सनातन समाज और रामलीला से जुड़े संगठनों ने आपत्ति जताई थी।

महासंघ के अनुसार, लंका के चित्रण, रावण के स्वरूप और कुछ अन्य पात्रों की प्रस्तुति को लेकर व्यापक विरोध हुआ था, जिसका असर फिल्म के प्रदर्शन पर भी देखने को मिला। इसी अनुभव को देखते हुए संगठन चाहता है कि इस बार किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न होने से पहले स्थिति स्पष्ट हो जाए।

कुछ दृश्यों को लेकर जताई आशंका

महासंघ ने अपने पत्र में दावा किया है कि उन्हें जानकारी मिली है कि फिल्म के कुछ दृश्य धार्मिक भावनाओं को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, संगठन ने सार्वजनिक रूप से किसी विशेष दृश्य का उल्लेख नहीं किया है। उनका कहना है कि फिल्म देखने के बाद ही इस संबंध में अंतिम राय दी जा सकेगी।

विरोध प्रदर्शन की चेतावनी

महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी विशेष स्क्रीनिंग की मांग स्वीकार नहीं की गई और फिल्म में धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली सामग्री पाई गई, तो संगठन विभिन्न हिंदू संगठनों के साथ मिलकर दिल्ली सहित देश के कई शहरों में सिनेमाघरों के बाहर प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन भी आयोजित किया जाएगा।

फिलहाल फिल्म के निर्माता या निर्देशक की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या मेकर्स विशेष स्क्रीनिंग की मांग स्वीकार करते हैं या नहीं।

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