Haridwar SIR News: उत्तराखंड के हरिद्वार में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दूसरे चरण के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने शुक्रवार को ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मतदाताओं से सीधे संवाद कर पुनरीक्षण कार्य की प्रगति, जारी किए गए नोटिसों और उनके निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी ली।
मतदाताओं से की बातचीत, जानी पुनरीक्षण की स्थिति
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मतदान केंद्रों पर मौजूद मतदाताओं से बातचीत कर यह जाना कि उन्हें निर्वाचन आयोग की ओर से जारी नोटिस मिले हैं या नहीं और यदि मिले हैं तो उनकी प्रक्रिया किस स्तर पर है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र मतदाता की समस्या का समयबद्ध और नियमों के अनुरूप समाधान सुनिश्चित किया जाए।
एआरओ और बीएलओ को दिए पारदर्शिता के निर्देश
डीएम ने सहायक निर्वाचन अधिकारी (ARO) और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को स्पष्ट निर्देश दिए कि—
- नोटिसों पर प्राप्त आपत्तियों की निष्पक्ष सुनवाई की जाए।
- सभी अभिलेखों की निर्धारित नियमों के अनुसार जांच की जाए।
- पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।
- किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से मतदाता सूची से न हटे।
मतदाताओं से की अपील
जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी मतदाता को विसंगति (Discrepancy) या अनमैपिंग (Unmapping) से संबंधित नोटिस प्राप्त होता है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है।उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 वैध दस्तावेजों में से किसी एक अभिलेख को प्रस्तुत करने पर पात्र मतदाता का नियमानुसार निराकरण किया जाएगा।
कोई भी पात्र मतदाता मताधिकार से वंचित न रहे
डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि—
- कोई भी पात्र मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
- सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
- निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध एवं अद्यतन होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है।






