गोरखपुर, 10 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने एक-एक फरियादी के पास पहुंचकर उनकी बात ध्यान से सुनी और प्रार्थना पत्र लेकर संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा, “घबराइए मत, आपकी समस्या का समाधान जरूर कराया जाएगा।”
गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं लोगों के पास पहुंचे और आत्मीयता से उनका हाल जाना। उन्होंने पूछा कि वे कहां से आए हैं और उनकी क्या समस्या है। हर फरियादी की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी पीड़ित की समस्या के निस्तारण में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हर शिकायत का समाधान संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए, ताकि पीड़ित को वास्तविक राहत मिल सके। जमीन पर कब्जे से जुड़ी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों से पीड़ित परिजनों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि धन की कमी इलाज में बाधा नहीं बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल से इलाज का एस्टीमेट लेकर आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी कराने और प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद मरीजों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद मुख्यमंत्री की सुबह की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने शिवावतार गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के समक्ष शीश नवाया। इसके बाद वह मंदिर परिसर की गोशाला पहुंचे और गोसेवा की। मुख्यमंत्री ने गोवंश को दुलारा और अपने हाथों से गुड़ खिलाया। इसके बाद उन्होंने जनता दर्शन में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।






