सतना। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जनार्दन मिश्रा का एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। एक कार्यक्रम के दौरान सांसद पेट्रोल में एथेनॉल मिलाए जाने के समर्थन में अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने शुद्ध पेट्रोल की मांग करने वाले लोगों पर टिप्पणी करते हुए ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं।
सामने आए वीडियो में जनार्दन मिश्रा पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिश्रण के समर्थन में तर्क देते नजर आ रहे हैं। वह देश में बढ़ती पेट्रोल की मांग का जिक्र करते हुए बताते हैं कि ईंधन में एथेनॉल का मिश्रण बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है।
‘शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा’
इसी दौरान सांसद उन लोगों पर निशाना साधते हुए नजर आते हैं, जो पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का विरोध करते हैं और शुद्ध पेट्रोल की मांग करते हैं। वीडियो में जनार्दन मिश्रा कथित तौर पर कहते सुनाई देते हैं— ‘शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा!’सांसद के इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स सांसद की भाषा को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
मंच पर मौजूद थे कई नेता
जिस कार्यक्रम का वीडियो सामने आया है, उसमें मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सतना सांसद गणेश सिंह और राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी समेत कई जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी बताई जा रही है।सांसद जनार्दन मिश्रा का बयान ऐसे समय सामने आया है, जब देश में पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। सरकार की ओर से एथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने के पीछे पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने, किसानों के लिए अतिरिक्त बाजार तैयार करने और वैकल्पिक ईंधन को प्रोत्साहित करने जैसे तर्क दिए जाते रहे हैं।
एथेनॉल मिश्रण को लेकर क्या है बहस?
पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर देश में लंबे समय से बहस चल रही है। समर्थकों का तर्क है कि इससे पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। वहीं, कुछ वाहन मालिक और विशेषज्ञ एथेनॉल मिश्रण के कारण वाहनों की माइलेज, इंजन की क्षमता और पुराने वाहनों पर संभावित प्रभाव को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।ऐसे में सांसद जनार्दन मिश्रा का बयान एक बार फिर इस बहस को राजनीतिक रंग देता नजर आ रहा है।
भाषा को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने सांसद की भाषा पर सवाल उठाए हैं। आलोचकों का कहना है कि किसी नीति या सरकारी फैसले का समर्थन करते समय जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक मंच पर संयमित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।वहीं, कुछ समर्थक सांसद के बयान को उनके बेबाक और स्थानीय अंदाज से जोड़कर देख रहे हैं। उनका तर्क है कि सांसद का उद्देश्य एथेनॉल मिश्रण का समर्थन करना था और बयान को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
फिर चर्चा में जनार्दन मिश्रा
बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा इससे पहले भी अपने अलग अंदाज और सार्वजनिक बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। अब पेट्रोल और एथेनॉल मिश्रण पर उनका यह बयान एक बार फिर सुर्खियों में है।
फिलहाल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। मामला केवल एथेनॉल मिश्रण के फायदे और नुकसान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की सार्वजनिक भाषा और पद की गरिमा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब सवाल यही है कि क्या राजनीतिक नेताओं को अपनी बात मजबूती से रखने के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए, या सार्वजनिक मंचों पर जनप्रतिनिधियों से अधिक संयमित और मर्यादित भाषा की उम्मीद की जानी चाहिए?




