उत्तर प्रदेश में सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ योगी सरकार का एंटी भू-माफिया अभियान लगातार जारी है। राजस्व विभाग के मुताबिक पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में 84,005 हेक्टेयर से अधिक भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। यह क्षेत्रफल करीब 2.08 लाख एकड़ के बराबर है। कब्जामुक्त कराई गई जमीन को विकास परियोजनाओं और औद्योगिक निवेश के लिए उपयोगी लैंडबैंक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
अवैध कब्जों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रदेश में राज्य, मंडल, जनपद और तहसील स्तर पर एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स गठित की गई है। इन टीमों के जरिए अवैध कब्जों की पहचान से लेकर जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने तक की कार्रवाई की जा रही है। शिकायतों की ऑनलाइन निगरानी और निस्तारण के लिए एंटी भू-माफिया पोर्टल भी विकसित किया गया है।
इस पोर्टल पर अब तक अवैध कब्जे से संबंधित 4,34,016 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 4,31,697 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, जो 99 प्रतिशत से अधिक है। फिलहाल 2,319 शिकायतें लंबित हैं। ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए शिकायत दर्ज होने से लेकर कार्रवाई पूरी होने तक उसकी निगरानी की जा रही है।
सरकार ने अवैध कब्जे हटाने के साथ भूमाफियाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी तेज की है। अभियान के तहत 25,068 राजस्व वाद, 1,168 सिविल वाद और 4,751 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। वहीं 1,413 अतिक्रमणकर्ताओं को भू-माफिया के रूप में चिह्नित किया गया है, जिनमें से 144 वर्तमान में जेल में बंद हैं।
अलग-अलग कानूनों के तहत भी अतिक्रमणकर्ताओं पर कार्रवाई की गई है। गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सरकार का जोर केवल जमीन को कब्जामुक्त कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध कब्जे करने वालों पर कानूनी शिकंजा कसने पर भी है।
कब्जामुक्त कराई गई सरकारी भूमि को अब प्रदेश के विकास के लिए बड़े संसाधन के रूप में देखा जा रहा है। इस जमीन का इस्तेमाल उद्योगों, मैन्युफैक्चरिंग और फार्मास्युटिकल इकाइयों, लॉजिस्टिक पार्क, विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए किया जा सकता है।
सरकार का मानना है कि पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने से निवेश परियोजनाओं को गति मिलेगी और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। एंटी भू-माफिया अभियान के जरिए अवैध कब्जों पर कार्रवाई के साथ उत्तर प्रदेश में निवेश, उद्योग और विकास के लिए जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया जा रहा है।




