उत्तर प्रदेश की सियासत में मुख्यमंत्री पद को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के अगले चुनाव में मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताने वाले बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा तंज कसा है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर केशव मौर्य के बयान को लेकर निशाना साधा।
अखिलेश यादव ने लिखा, “खुद से बढ़कर दुनिया में ना देखा कोई और, जुबां पर आज दिल की बात आ गई। जो अपना चुनाव हार गये, वो दूसरों से ख़ुद को मुख्यमंत्री के रूप में चुनने की उम्मीद करते हैं। उन्होंने आगे उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर तंज कसते हुए लिखा, “डबल इंजन का मतलब यहाँ तो ‘दिल्ली-लखनऊ’ के साथ-साथ ‘सिराथू-गोरखपुर’ भी निकला। अब देखते हैं ये हटते हैं या हटाए जाते हैं।
2022 में सिराथू से चुनाव हार गए थे केशव मौर्य
अखिलेश यादव का यह तंज केशव प्रसाद मौर्य की 2022 की चुनावी हार से जुड़ा है। केशव मौर्य ने 2022 का विधानसभा चुनाव सिराथू विधानसभा सीट से लड़ा था, जहां उन्हें समाजवादी पार्टी गठबंधन की उम्मीदवार पल्लवी पटेल ने हराया था। अखिलेश ने अपने बयान में ‘सिराथू-गोरखपुर’ का जिक्र कर एक ओर केशव मौर्य और दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर इशारा किया। योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक गढ़ गोरखपुर रहा है। अखिलेश इससे पहले भी बीजेपी के भीतर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच कथित मतभेद को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
केशव मौर्य ने क्या कहा था?
दरअसल, एक मीडिया कार्यक्रम में केशव प्रसाद मौर्य से मुख्यमंत्री बनने की उनकी इच्छा को लेकर सवाल पूछा गया था। इस पर उन्होंने कहा था कि वह भी मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि अगली बार उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में देखा जाए, हालांकि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा। केशव मौर्य के इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा तेज हो गई। विपक्ष ने इसे बीजेपी के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही कथित खींचतान से जोड़कर हमला शुरू कर दिया है।
अखिलेश ने साधा बीजेपी पर निशाना
अखिलेश यादव की ताजा टिप्पणी को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में बढ़ती बयानबाजी के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने केशव मौर्य के बयान के बहाने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व और यूपी सरकार के बीच कथित राजनीतिक समीकरणों पर भी सवाल उठाया है। हालांकि, केशव मौर्य अपने बयान में यह स्पष्ट कर चुके हैं कि मुख्यमंत्री पद का अंतिम फैसला बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। ऐसे में अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद अब बीजेपी की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सबकी नजर है।
