आरजेडी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच आरक्षण को लेकर चल रही बयानबाजी पर निशाना साधा है, तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि दोनों नेता अति वंचित दलितों के लिए उप-श्रेणी यानी ‘कोटे के भीतर कोटा’ के मुद्दे पर “नागपुर के निर्देश” पर आपस में उलझ रहे हैं, तेजस्वी यादव ने यह टिप्पणी रविवार, 30 अगस्त 2026 को मीडिया से बातचीत के दौरान की।
भाजपा-RSS पर लगाया आरक्षण विरोधी होने का आरोप
तेजस्वी यादव ने भाजपा और आरएसएस पर आरक्षण विरोधी होने का आरोप लगाया, उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद कभी आरक्षण का लाभ नहीं लिया, जबकि चिराग पासवान और जीतन राम मांझी जैसे नेता आरक्षित सीटों से चुनाव लड़ते रहे हैं, तेजस्वी ने सवाल उठाया कि इसके बावजूद दोनों नेता भाजपा-आरएसएस के साथ क्यों हैं, उन्होंने दोनों नेताओं के बीच चल रहे विवाद को लेकर कहा कि यह संभव है कि उनका आपसी विवाद “नागपुर के निर्देश” पर हो रहा हो।
चिराग और मांझी को दी चुनौती
तेजस्वी यादव ने चिराग पासवान और जीतन राम मांझी को चुनौती देते हुए कहा कि दोनों अपने पदों से इस्तीफा दें और किसी सामान्य सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं, उनका यह बयान चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच हाल में आरक्षण के मुद्दे पर हुई जुबानी जंग के बाद आया है।
‘कोटे के भीतर कोटा’ पर आमने-सामने चिराग-मांझी
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हाजीपुर से सांसद चिराग पासवान ने मांझी और उनके बेटे की ओर से ‘कोटे के भीतर कोटा’ के समर्थन में दिए गए बयानों पर आपत्ति जताई थी, चिराग पासवान ने दोनों को इस्तीफा देने और यह स्वीकार करने की चुनौती दी थी कि वे “क्रीमी लेयर” में आते हैं, इसके जवाब में गया से सांसद जीतन राम मांझी और बिहार सरकार में मंत्री उनके बेटे संतोष कुमार सुमन ने चिराग पासवान पर पलटवार किया, उन्होंने कहा कि इस्तीफा चिराग पासवान को देना चाहिए, क्योंकि वह सबसे वंचित दलित समुदायों के लक्षित विकास की जरूरत को समझने में विफल रहे हैं।
तेजस्वी बोले- ‘कोई आरक्षण खत्म नहीं कर सकता’
तेजस्वी यादव ने कहा कि भारत में आरक्षण खत्म होने की संभावना नहीं के बराबर है, उन्होंने दावा किया कि कोई भी आरक्षण खत्म नहीं कर सकता, तेजस्वी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के 2015 में आरक्षण की समीक्षा को लेकर दिए गए बयान का भी जिक्र किया, उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने 2015 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब दिया था, तेजस्वी का इशारा उस चुनाव में नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन की जीत और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की हार की ओर था।
‘पानी में कंकड़ फेंककर जनता का रुख देख रही भाजपा’
आरजेडी नेता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी “पानी में कंकड़ फेंककर” लोगों के रुख का अंदाजा लगाने की कोशिश कर रही है, आरक्षण और दलित उप-श्रेणी का मुद्दा बिहार की राजनीति में एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच जारी बयानबाजी के बीच तेजस्वी यादव के हमले से इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं।
