लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने शामली की घटना को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अंकित बालियान हत्याकांड की जांच और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है और इस हत्याकांड में शामिल आरोपियों तक पहुंचने के लिए यूपी पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें लगाई गई थीं। DGP के मुताबिक, अंकित बालियान की हत्या एक सुनियोजित वारदात थी। हत्या में शामिल आरोपियों पर पहले से 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, वारदात को चार हथियारबंद लोगों ने अंजाम दिया था। आरोपियों ने अंकित बालियान की रेकी की और इसके बाद गोलीबारी कर उसकी हत्या कर दी।
11 पुलिस टीमों ने शुरू की थी जांच
राजीव कृष्ण ने बताया कि हत्याकांड की जांच के लिए 11 पुलिस टीमों को लगाया गया था। शार्प शूटरों की पहचान करने के साथ-साथ घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने यूपी और हरियाणा में कई स्थानों पर छापेमारी की और संदिग्ध आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी।जांच के दौरान आरोपियों के ठहरने और भुगतान से जुड़े साक्ष्य भी मिलने की बात DGP ने कही। पुलिस के मुताबिक, इन साक्ष्यों के आधार पर हत्याकांड की पूरी कड़ी को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस और STF पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में दो की मौत
DGP के अनुसार, पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपियों को गोली लगी।पुलिस के मुताबिक, घायल आरोपियों को उपचार के लिए ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। मारे गए आरोपियों की पहचान मोहित और सुमित के रूप में बताई गई है। उनके पास से दो पिस्टल समेत अन्य सामान बरामद किए जाने की जानकारी दी गई।राजीव कृष्ण ने बताया कि मोहित के खिलाफ हरियाणा में करीब 14 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि सुमित के खिलाफ भी कई आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।
गोगी गैंग से कनेक्शन की जांच
DGP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जांच में आरोपियों के संबंध गोगी गैंग से सामने आने की बात कही गई है। सोशल मीडिया गतिविधियों और एक लोकप्रिय हुए गाने से भी इस कनेक्शन को जोड़कर देखा जा रहा है।पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर गैंग से जुड़े लोगों की पोस्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस इसे अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि सुपारी लेकर अंजाम दिया गया सुनियोजित हत्याकांड मानकर आगे बढ़ रही है।
विदेश में बैठे आरोपियों पर भी नजर
DGP राजीव कृष्ण ने साफ किया कि उत्तर प्रदेश के बाहर बैठकर अपराध की साजिश रचने वाले लोग भी कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा और दिल्ली पुलिस से इस मामले में समन्वय और सहयोग मिला है।
उन्होंने बताया कि गैंग के कुछ सदस्य विदेश में बैठकर गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। कनाडा में बैठे एक आरोपी के नाम का भी जांच में सामने आने की बात कही गई। पुलिस सभी पहलुओं पर काम कर रही है और विदेश में मौजूद आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत भारत लाने की कार्रवाई भी जारी है।
दो अन्य शूटरों की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड में शामिल दो अन्य शूटरों की तलाश अभी जारी है। इसके अलावा हथियार उपलब्ध कराने वालों और घटना की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
DGP ने कहा कि इस पूरे नेटवर्क की जो भी कड़ी सामने आएगी, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए कहा कि अपराधियों को कहीं भी छिपने की छूट नहीं दी जाएगी।
कार्रवाई में शामिल STF और अन्य पुलिस टीमों के लिए 2 लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई है। पुलिस अब हत्याकांड से जुड़े पूरे नेटवर्क, फंडिंग, हथियारों की सप्लाई और विदेश में बैठे साजिशकर्ताओं की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
