उत्तर प्रदेश के उत्पाद अब ब्रिक्स और सहयोगी देशों के बाजारों में तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं। प्रदेश से इन देशों को कुल ₹47,484 करोड़ का निर्यात किया गया है, जो उत्तर प्रदेश के करीब ₹2 लाख करोड़ के कुल निर्यात का 23.7 प्रतिशत है। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों को ₹34,811 करोड़ और सहयोगी देशों को ₹12,673 करोड़ का निर्यात शामिल है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में औद्योगिक विकास, निवेश और निर्यात को बढ़ावा देने की नीतियों के बीच यह आंकड़ा प्रदेश की बढ़ती वैश्विक व्यापारिक पहुंच को दर्शाता है।ब्रिक्स देशों में संयुक्त अरब अमीरात उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा निर्यात बाजार बनकर सामने आया है। प्रदेश ने यूएई को ₹15,133 करोड़ का निर्यात किया है। इसके बाद सऊदी अरब को ₹4,938 करोड़, मिस्र को ₹3,848 करोड़, इंडोनेशिया को ₹2,670 करोड़, चीन को ₹2,497 करोड़, ब्राजील को ₹2,209 करोड़, दक्षिण अफ्रीका को ₹1,690 करोड़ और रूस को ₹1,584 करोड़ का निर्यात हुआ। ईरान को ₹131 करोड़ और इथियोपिया को ₹110 करोड़ के उत्पाद भेजे गए।वहीं ब्रिक्स के सहयोगी और पार्टनर देशों में वियतनाम और मलेशिया उत्तर प्रदेश के प्रमुख निर्यात बाजार हैं। वियतनाम को ₹5,949 करोड़ और मलेशिया को ₹3,740 करोड़ का निर्यात किया गया। इसके अलावा उज्बेकिस्तान को ₹1,339 करोड़, थाईलैंड को ₹733 करोड़, नाइजीरिया को ₹730 करोड़, युगांडा को ₹114 करोड़, कजाखस्तान को ₹49 करोड़, बोलीविया को ₹10 करोड़ और बेलारूस को ₹8 करोड़ का निर्यात हुआ है।
उत्तर प्रदेश से ब्रिक्स और सहयोगी देशों को कई तरह के उत्पाद निर्यात किए जा रहे हैं। इनमें इलेक्ट्रिकल मशीनरी और उपकरण, मशीनरी एवं यांत्रिक उपकरण, परिधान एवं वस्त्र, आभूषण, एल्युमिनियम उत्पाद, चमड़ा और चमड़े से बने सामान प्रमुख हैं। ब्रिक्स सदस्य देशों को इलेक्ट्रिकल मशीनरी एवं उपकरणों का ₹3,894 करोड़, परिधान और वस्त्र सहायक सामग्री का ₹2,527 करोड़, मशीनरी एवं यांत्रिक उपकरणों का ₹2,494 करोड़ और कीमती एवं अर्द्धकीमती पत्थर, धातु व आभूषणों का ₹2,378 करोड़ का निर्यात किया गया है।सहयोगी देशों के बाजार में भी इलेक्ट्रिकल मशीनरी और उपकरणों की मजबूत मांग देखने को मिल रही है। इन देशों को ₹928 करोड़ के इलेक्ट्रिकल उपकरण, ₹539 करोड़ की मशीनरी एवं यांत्रिक उपकरण, ₹302 करोड़ के एल्युमिनियम उत्पाद और ₹280 करोड़ के चमड़ा उत्पादों का निर्यात किया गया है।
ब्रिक्स और सहयोगी देशों के बाजारों में उत्तर प्रदेश की बढ़ती हिस्सेदारी को प्रदेश के औद्योगिक और निर्यात आधार के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, चमड़ा, इलेक्ट्रिकल उपकरण, मशीनरी और आभूषण जैसे क्षेत्रों में प्रदेश की मजबूत मौजूदगी निर्यात को नई संभावनाएं दे रही है। बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स, गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार सुविधाओं को मजबूत करने से प्रदेश के एमएसएमई और निर्यातक इकाइयों को इन उभरते बाजारों में और विस्तार का अवसर मिल सकता है।
