लखनऊ: यूपी कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा केंद्र सरकार ने मंजूर कर लिया है। उनका इस्तीफा 15 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा। दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को IAS सेवा से इस्तीफा दिया था। उन्होंने अपने फैसले के पीछे व्यक्तिगत कारणों और जीवन में आगे कुछ नया करने की इच्छा को वजह बताया था। इस्तीफा मंजूर होने के बाद अब दिव्या मित्तल की अगली पारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सबसे ज्यादा चर्चा उनके सक्रिय राजनीति में आने और 2027 के विधानसभा चुनाव में मिर्जापुर से चुनाव लड़ने को लेकर है। हालांकि, अभी तक दिव्या मित्तल ने किसी राजनीतिक दल में शामिल होने या विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
देवरिया DM पद से हटने के बाद बदली प्रशासनिक भूमिका
दिव्या मित्तल को मई 2026 में देवरिया के जिलाधिकारी पद से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव बनाया गया था। इसके बाद उनकी प्रशासनिक भूमिका में बदलाव आया। कुछ समय बाद उन्होंने IAS सेवा से इस्तीफा देने का फैसला किया। अब केंद्र सरकार की ओर से इस्तीफा मंजूर किए जाने के बाद उनके अगले कदम को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्या वह प्रशासनिक सेवा के बाद राजनीति का रास्ता चुनेंगी या फिर किसी दूसरे क्षेत्र में नई शुरुआत करेंगी, इस पर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।
मिर्जापुर से क्यों जुड़ रहा दिव्या मित्तल का नाम?
दिव्या मित्तल का मिर्जापुर से जुड़ाव उनकी संभावित राजनीतिक पारी की चर्चाओं का प्रमुख आधार माना जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर उनकी सक्रिय कार्यशैली और जनता के बीच बनी पहचान को देखते हुए उनके राजनीति में आने की चर्चा पहले भी होती रही है। अगर वह 2027 के विधानसभा चुनाव में मिर्जापुर से चुनाव मैदान में उतरती हैं, तो क्षेत्र की सियासत में एक नया और चर्चित चेहरा सामने आ सकता है। हालांकि, फिलहाल इसे केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रही हैं दिव्या मित्तल
IAS अधिकारी के तौर पर दिव्या मित्तल सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रही हैं। वह अपने प्रशासनिक कार्यों और गतिविधियों से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करती रही हैं। उनके IAS सेवा से इस्तीफा देने की जानकारी भी सोशल मीडिया के जरिए सामने आई थी। अब जब केंद्र सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, ऐसे में उनकी अगली पारी को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
क्या 2027 में दिखेगा नया सियासी चेहरा?
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां लगातार तेज हो रही हैं। ऐसे में प्रशासनिक सेवा से अलग होने के बाद यदि दिव्या मित्तल सक्रिय राजनीति में कदम रखती हैं, तो मिर्जापुर की चुनावी राजनीति में इसका असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल दिव्या मित्तल की ओर से राजनीति में आने या चुनाव लड़ने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में उनके अगले कदम का इंतजार रहेगा।
