खाकी पर हाथ उठाने वालों प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ठाकुर अभिषेक सिंह ने सीधे जंग का ऐलान कर दिया है! जी हां क्या देश की राजधानी दिल्ली में खाकी वर्दी पहनना अब अपनी जान जोखिम में डालना बन चुका है? प्रदर्शन के नाम पर अराजकता फैलाने वाले उपद्रवी अब सीमाएं लांघ चुके हैं। लेकिन खाकी पर होते इन हिंसक हमलों के बीच अब एंट्री हुई है—ठाकुर अभिषेक सिंह की! वही ठाकुर अभिषेक सिंह जो पिछली बार अकेले इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लाठी लेकर जंतर मंतर पहुंच गए थे ,,जो अपने आपको राष्ट्रप्रेमी हिंदुत्व का बड़ा चेहरा बताते है .अब दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों के सम्मान में एक बार फिर ठाकुर अभिषेक सिंह ने सीधे जंग का ऐलान कर दिया है!

हाल ही में जंतर-मंतर और संसद मार्ग के पास जो हुआ, उसने पूरी दिल्ली को दहला कर रख दिया। दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल अंकित कसाना पर 40 से 50 लोगों की उग्र भीड़ ने अचानक हमला बोल दिया। वर्दी फाड़ दी गई, बेरहमी से पीटा गया, नाखूनों से नोचा गया और उंगली तक काट ली गई! RML अस्पताल में भर्ती कांस्टेबल अंकित पर 20 जुलाई के बाद यह दूसरा जानलेवा हमला है। खाकी को लहूलुहान होते देख ठाकुर अभिषेक सिंह का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस के समर्थन में हुंकार भरते हुए उपद्रवियों को सीधी चेतावनी दे डाली है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन की आड़ में देश को हिंसा की आग में झोंकने की पूरी तैयारी हो चुकी है। खाकी पर हाथ उठाने वाले इन तिलचट्टों को अब मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। अगर सुरक्षाकर्मियों को इस तरह पिटते देखकर भी आपका खून नहीं खौला, तो आपका खून पानी है! यह सनातन धर्म को नीचा दिखाने और देश को तोड़ने की साजिश है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब ठाकुर अभिषेक सिंह इस तरह खुलकर सामने आए हों। पिछले दिनों जब एक प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और जातिगत नारे लगाए गए, तब अभिषेक सिंह अपनी टीम के साथ लाठी लेकर अकेले ही भीड़ के बीच कूद पड़े थे और उपद्रवियों को दौड़-दौड़कर खदेड़ा था। अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पुलिसकर्मियों की पिटाई के वीडियो और ठाकुर अभिषेक सिंह के इस आक्रामक रुख ने दिल्ली के सियासी और सामाजिक पारे को बढ़ा दिया है। बड़ा सवाल यह है कि—क्या दिल्ली में कानून की धज्जियाँ उड़ाने वाले इन हिंसक तत्वों पर पुलिस का चाबुक चलेगा, या फिर खाकी का जवाब देने खुद ठाकुर अभिषेक सिंह सड़क पर उतरेंगे?
