शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की आराधना करते हुए अधर्म, अत्याचार और आतंक के अंत को न्याय, शांति और भयमुक्त समाज की स्थापना का आधार बताया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि मां कालरात्रि दुष्टों, असुरों और रक्तबीज जैसी तामसिक शक्तियों का संहार कर धर्म की स्थापना करती हैं और अपने भक्तों को अभय प्रदान करती हैं। मां का दिव्य स्वरूप समाज को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और धर्म की स्थापना का संदेश देता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में माफिया, दंगाइयों और अपराधियों के आतंक के कारण भय और अराजकता का माहौल था। इसका सबसे अधिक असर महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा तथा स्वावलंबन पर पड़ता था। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार ने अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर कानून का राज स्थापित करने और भयमुक्त वातावरण बनाने की दिशा में काम किया है।
महिला सुरक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सीएम योगी ने मिशन शक्ति, एकीकृत 1090 हेल्पलाइन, महिला बीट पुलिसिंग और सेफ सिटी परियोजना जैसी पहलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से महिलाओं के लिए घर से लेकर सड़क, शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों तक सुरक्षित वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, वर्ष 2016 में पुलिस रिस्पॉन्स टाइम जहां 65 मिनट था, वहीं अब घटकर पांच मिनट रह गया है। उन्होंने इसे पुलिस की तत्परता और महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास का असर महिलाओं की आर्थिक भागीदारी पर भी दिखाई दे रहा है। अब महिलाएं नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भूमिका मजबूत बना रही हैं। उनके अनुसार, महिला श्रम बल भागीदारी 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
उन्होंने नारी शक्ति को प्रदेश की अर्थशक्ति बताते हुए कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति दे रही है।सीएम योगी ने कहा कि कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ने प्रदेश की विकास यात्रा को नई ऊर्जा दी है। यह योगदान उत्तर प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) और प्रति व्यक्ति आय में हुई वृद्धि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने मां कालरात्रि के आराधना पर्व के संदेश को न्याय, सुरक्षा और निर्भय समाज की स्थापना से जोड़ते हुए कहा कि भयमुक्त वातावरण और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ही समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण आधार हैं।
