रामनगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव के जरिए नया इतिहास रचने की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आयोजित होने जा रहे दसवें दीपोत्सव-2026 को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। इस बार राम की पैड़ी के सभी 56 घाटों पर 30 लाख दीप सजाकर अयोध्या को रोशनी से जगमगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए हजारों की संख्या में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवकों ने मोर्चा संभाल लिया है।
दीपोत्सव को भव्य स्वरूप देने के लिए बुधवार सुबह से ही राम की पैड़ी के घाटों पर विद्यार्थियों की चहल-पहल दिखाई देने लगी। विश्वविद्यालय परिसर से विशेष बसों के जरिए पहुंचे छात्र-छात्राओं ने अपने निर्धारित घाटों पर पहुंचकर दीप सजाने का काम शुरू कर दिया। हर घाट पर स्वयंसेवकों की अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, जिन्हें निर्धारित जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। विद्यार्थी पूरे उत्साह, अनुशासन और समर्पण के साथ दीपों को कतारबद्ध तरीके से सजाने में जुटे हैं।
दसवें दीपोत्सव को सफल बनाने के लिए विश्वविद्यालय परिसर के साथ संबद्ध महाविद्यालयों और स्थानीय इंटरमीडिएट कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी इस महाआयोजन से जोड़ा गया है। राम की पैड़ी के सभी 56 घाटों पर दीप सजाने के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। स्वयंसेवकों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए विशेष बसों की व्यवस्था की गई है, ताकि निर्धारित समय में सभी घाटों पर दीप सजाने का काम पूरा किया जा सके।राम की पैड़ी के घाटों पर दीपों को निर्धारित ब्लॉक और कतारों में सजाया जा रहा है। घाट समन्वयकों और प्रभारियों की निगरानी में स्वयंसेवक पूरी सावधानी के साथ इस काम को अंजाम दे रहे हैं। दीपों को इस तरह व्यवस्थित किया जा रहा है कि मुख्य आयोजन के दिन उनमें तेल और बाती डालने के साथ दीप प्रज्ज्वलन का कार्य आसानी से पूरा हो सके।

सभी स्वयंसेवकों को अपने निर्धारित घाटों पर ही काम करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे व्यवस्थाओं में किसी तरह की अव्यवस्था न हो। पूरे आयोजन की तैयारियों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की भी पैनी नजर है। कुलपति डॉ. विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारी लगातार घाटों का निरीक्षण कर रहे हैं। दीप सजाने के निर्धारित लक्ष्य को समय से पूरा करने के साथ स्वयंसेवकों के बीच बेहतर तालमेल और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।कुल मिलाकर, दसवें दीपोत्सव को लेकर अयोध्या में उत्साह अपने चरम पर है। हजारों विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता से राम की पैड़ी के 56 घाटों पर 30 लाख दीपों की भव्य आभा बिखेरने की तैयारी है। अब सभी की निगाहें दीपोत्सव के उस ऐतिहासिक क्षण पर टिकी हैं, जब सरयू तट के घाट लाखों दीपों की रोशनी से जगमगा उठेंगे।
