उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से सरकारी लापरवाही की दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। आज़ादी के 79 साल बाद भी गांव में पक्की सड़क नहीं बन पाई, और उसी की वजह से प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को एंबुलेंस की जगह बैलगाड़ी से अस्पताल ले जाना पड़ा।
दरअसल, मौदहा ब्लॉक के छानी गाऊघाट गांव की 23 वर्षीय रेशमा को अचानक प्रसव पीड़ा हुई। परिवार ने एंबुलेंस बुलवाई, लेकिन कीचड़ और गड्ढों से भरे रास्ते की वजह से एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। मजबूरन, परिजनों ने रेशमा को 3 किलोमीटर तक बैलगाड़ी में लिटाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया यह सफर उनके लिए दर्द और बेबसी से भरा रहा।
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इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।इसी मुद्दे पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर करारा तंज कसा। उन्होंने लिखा भाजपा के कुशासन ने एंबुलेंस को ‘बुल-ऐंस’ बना दिया है। यूपी में अब एंबुलेंस की जगह बैलगाड़ी चल रही है। क्या ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बैलगाड़ी खींचेगी? मुख्यमंत्री जी अगली बार जब खेतों का मुआयना करें, तो नीचे सड़क और एंबुलेंस का हाल भी देख लें। अगर दिखाई न दे तो दिल्ली की दूरबीन या ड्रोन से देख लें।”
अखिलेश यादव ने आगे कहा स्वास्थ्य मंत्री महोदय, अगर केवल नामपट्टिका तक सीमित नहीं रह गए हैं, तो बीमार लोगों की मुश्किलों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।यह घटना न सिर्फ सरकारी तंत्र की नाकामी को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि ग्रामीण इलाकों में आज भी सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं सिर्फ कागज़ों पर ही हैं।





