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लखनऊ चिड़ियाघर रहेगा अपने स्थान पर, कुकरैल नाइट सफारी तक दो लेन सड़क को मिली मंजूरी

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सुप्रीम कोर्ट की सीईसी समिति की रिपोर्ट से बदली सरकार की योजना, सैकड़ों पेड़ों को मिली राहत

लखनऊ का ‘ग्रीन लंग’ सुरक्षित, जू शिफ्टिंग पर लगी रोक

लखनऊ।लखनऊ चिड़ियाघर को कुकरैल नाइट सफारी में स्थानांतरित करने की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। सुप्रीम कोर्ट की अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि लखनऊ जू को मौजूदा स्थान पर ही बनाए रखना पर्यावरणीय और सामाजिक दोनों दृष्टियों से जरूरी है।
समिति ने जू को राजधानी का ‘ग्रीन लंग’ बताते हुए कहा कि इसका शहर के भीतर होना शहरी पर्यावरण संतुलन के लिए अहम है।

चार लेन सड़क का प्रस्ताव रद्द, अब बनेगी दो लेन सड़क

सीईसी की सिफारिश के बाद कुकरैल नाइट सफारी तक प्रस्तावित चार लेन सड़क निर्माण पर भी रोक लगा दी गई है। शासन ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से अब दो लेन सड़क का नया प्रस्ताव तैयार करने को कहा है।
फिलहाल सड़क निर्माण से जुड़ा कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है।

700 से ज्यादा पेड़ों की कटान से बचाव

पीडब्ल्यूडी ने 17 फरवरी 2025 को नाइट सफारी तक चार लेन सड़क के लिए टेंडर जारी किया था। समिति की रिपोर्ट में बताया गया कि इस परियोजना से 700 से अधिक पेड़ों की कटान होती, जिससे क्षेत्र के पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ता।
दो लेन सड़क बनने से हरित क्षेत्र को होने वाला नुकसान काफी हद तक कम होगा।

जू स्थानांतरण के तर्क नहीं हुए स्वीकार

लखनऊ चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से ट्रैफिक दबाव और वन्यजीवों में जेनेटिक बीमारियों के खतरे का हवाला दिया गया था। हालांकि सीईसी ने इन तर्कों को पर्याप्त आधारहीन माना।
समिति का कहना है कि देश के 21 चिड़ियाघर आज भी शहरों के भीतर संचालित हो रहे हैं और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के स्वास्थ्य प्रोटोकॉल पहले से लागू हैं।

जू हटाने की बजाय आधुनिकीकरण पर जोर

सीईसी ने सुझाव दिया है कि चिड़ियाघर को हटाने के बजाय मौजूदा स्थान पर ही आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाए।
जगह की कमी, पर्यटकों का दबाव और आधुनिकीकरण में कठिनाई जैसे तर्क जांच में सही नहीं पाए गए।

नाइट सफारी से पर्यावरणीय संतुलन पर खतरे की चेतावनी

रिपोर्ट में कुकरैल नाइट सफारी को लेकर भी चिंता जताई गई है। समिति के अनुसार, गतिविधियां बढ़ने से शोर और मानवीय हस्तक्षेप में इजाफा होगा, जिससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और पारिस्थितिक संतुलन पर असर पड़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट करेगा अंतिम फैसला

सीईसी ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को सौंप दी है। अब इस मामले में अंतिम निर्णय शीर्ष अदालत द्वारा लिया जाएगा। इसके बाद ही संबंधित विभाग आगे की कार्रवाई करेंगे।
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता सौरभ पांडेय के अनुसार, शासन के निर्देश पर दो लेन सड़क के नए प्रस्ताव पर काम शुरू कर दिया गया है।

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