मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की सख्ती, नगर निगम को मिले स्पष्ट रोडमैप
लखनऊ। स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में प्रशासन ने कमर कस ली है। मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में लखनऊ स्मार्ट सिटी सभागार में नगर निगम से जुड़े कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें सफाई व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, विकास कार्यों, जलनिकासी और प्रकाश व्यवस्था को लेकर अहम फैसले लिए गए।
बैठक में नगर आयुक्त गौरव कुमार समेत नगर निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सफाई व्यवस्था में बड़ी उपलब्धि, 92% तक पहुँचा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन
समीक्षा के दौरान सामने आया कि नगर निगम द्वारा चिन्हित आठ मॉडल वार्डों में घर-घर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था 92 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। मण्डलायुक्त ने इसे नगर निगम की बड़ी उपलब्धि बताते हुए टीम की सराहना की, साथ ही इस व्यवस्था को जल्द 100 प्रतिशत तक ले जाने के निर्देश दिए।
उन्होंने साफ कहा कि शहर में कहीं भी अवैध कूड़ा डंपिंग प्वाइंट नहीं दिखना चाहिए। ऐसे सभी स्थानों को चिन्हित कर तत्काल समाप्त किया जाए।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्ती, जुर्माने के निर्देश
मण्डलायुक्त ने नाराजगी जताई कि कुछ लोग और प्रतिष्ठान कूड़ा गाड़ियों को कूड़ा देने के बजाय खुले में फेंक रहे हैं। इस पर नगर आयुक्त को निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों में नए नियम लागू कर सख्ती से जुर्माना लगाया जाए, ताकि अनुशासन और जन-जागरूकता दोनों बढ़े।
रेंडम चेकिंग और अधिकारियों की ग्रेडिंग व्यवस्था
सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए ज़ोनल स्वच्छता अधिकारियों को नियमित रेंडम चेकिंग के निर्देश दिए गए। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए एक पारदर्शी ग्रेडिंग सिस्टम लागू करने को कहा गया, जिसमें अपर नगर आयुक्त और जोनल अधिकारियों के काम के आधार पर मूल्यांकन होगा।
सड़क सफाई की निगरानी अब ड्रोन से
शहर की सफाई व्यवस्था को तकनीक से जोड़ते हुए मण्डलायुक्त ने सड़क सफाई की निगरानी ड्रोन सर्वे के जरिए कराने के निर्देश दिए। इससे वास्तविक स्थिति सामने आएगी और लापरवाही वाले क्षेत्रों पर त्वरित कार्रवाई संभव होगी।
इसके साथ ही हर बीट पर सुपरवाइजर की जिम्मेदारी तय करने और दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए गए।
कूड़ा गाड़ियों की टाइमिंग होगी सार्वजनिक
जनसहभागिता बढ़ाने के लिए नगर निगम के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वार्डवार कूड़ा कलेक्शन गाड़ियों की समय-सारिणी जारी करने के निर्देश दिए गए, ताकि नागरिक तय समय पर कूड़ा दे सकें और सड़कों पर गंदगी न फैले।
विकास कार्यों में देरी पर नाराजगी, 31 मार्च तक अल्टीमेटम
विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा में कई एजेंसियों द्वारा कार्य में देरी सामने आई। मण्डलायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सभी परियोजनाएं हर हाल में 31 मार्च 2026 तक पूरी हों। समयसीमा का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई होगी और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य की गई।
नालों की सफाई और गोमती संरक्षण पर विशेष फोकस
गोमती नदी में गिरने वाले नालों के ट्रीटमेंट को लेकर मण्डलायुक्त ने सख्त निर्देश दिए। बिना शुद्धिकरण कोई भी जल नदी में न जाए, इसके लिए सभी एसटीपी की नियमित निगरानी और जल गुणवत्ता जांच अनिवार्य की गई।
नालों में जलभराव वाले स्थानों का सर्वे कर अवरोध दूर करने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए गए।
बाढ़ से निपटने की तैयारी, पंप क्षमता की समीक्षा
संभावित बाढ़ को देखते हुए बाढ़ पंपों की क्षमता, तैनाती और संचालन व्यवस्था की समीक्षा की गई। मण्डलायुक्त ने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर व्यवहारिक आपातकालीन योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
खराब स्ट्रीट लाइट्स तुरंत होंगी दुरुस्त
शहर की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मण्डलायुक्त ने खराब स्ट्रीट लाइट्स को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। मुख्य सड़कों, चौराहों और आवासीय क्षेत्रों में पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रशासन का साफ संदेश: लखनऊ को मिलेगा सुव्यवस्थित और स्वच्छ स्वरूप
इस समीक्षा बैठक से साफ है कि प्रशासन राजधानी के विकास और स्वच्छता को लेकर पूरी तरह गंभीर है। आने वाले महीनों में शहरवासियों को बेहतर सफाई, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षित वातावरण का लाभ मिलने की उम्मीद है।






