बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता का खुलेआम दबंगई दिखा, अस्पताल बना वसूली का अड्डा!मरीज़ की लाश को बनाया बंधक, विधायक से बदतमीज़ी, पत्रकार को धमकी!सवाल बड़ा है — क्या सत्ता की छाया में कानून बेबस हो चुका है?”लखनऊ से इस वक्त एक सनसनीखेज और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सत्ता से जुड़े छूटभैया नेताओं की पोल खोल कर रख दी है।गोमती नगर विस्तार थाना क्षेत्र, शहीद पथ के पास स्थित इकाना हॉस्पिटल में जो हुआ, उसने इंसानियत को झकझोर दिया।
आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने ₹3 लाख रुपये न मिलने पर सुल्तानपुर के एक मरीज की डेड बॉडी को जब्त कर लिया।परिजनों को घंटों तक धमकाया गया, शव देने से इनकार किया गया। अस्पताल के भीतर खुलेआम गुंडई हुई — और हैरानी की बात ये कि सब कुछ पुलिस की मौजूदगी में।जब मामले की पैरवी के लिए समाजवादी पार्टी के विधायक ताहिर खान अस्पताल पहुंचे, तोउनके साथ गाली-गलौज की गई,, मारपीट का प्रयास हुआ और सत्ता के नशे में चूर लोगों ने एक जनप्रतिनिधि को भी नहीं बख्शा।इतना ही नहीं,पत्रकार रमन मिश्रा के साथ भी बदतमीज़ी की गई उनका मोबाइल छीनने का प्रयास हुआ और उन्हें जान से मारने की धमकी तक दी गई।
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बताया जा रहा है कि इस पूरे बवाल में भारतीय जनता पार्टी की पूर्व प्रवक्ता नीरज श्रीवास्तव का नाम सामने आ रहा है, जिससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक,,की सख्त छवि पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल के गुंडों की गुंडई का वीडियो अब वायरल हो चुका है, और राजधानी लखनऊ में यह चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है।सवाल बड़ा है क्या अस्पताल अब इलाज नहीं, वसूली के अड्डे बन चुके हैं?क्या सत्ता से जुड़े लोग कानून से ऊपर हैं?योगी सरकार की “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति पर यह मामला कितना बड़ा धब्बा है?





