पहाड़ों की रानी मसूरी में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार सुबह से ही शहर और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश के साथ बर्फ के फुहारों ने दस्तक दी, जिससे ठंड में इजाफा हो गया। लंबे समय से शुष्क मौसम झेल रहे स्थानीय लोगों और पर्यटकों के चेहरे इस बदलाव से खिल उठे हैं।

सुबह के समय आसमान में काले बादल छाए रहे और रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ के हल्के फुहारों ने मौसम को और भी सुहावना बना दिया। तापमान में गिरावट के चलते लोग गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेते नजर आए, जिससे ठंड का असर साफ महसूस किया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते करीब तीन महीनों से मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में न तो बारिश हुई थी और न ही बर्फबारी, जिससे किसानों और काश्तकारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। सूखी ठंड के कारण सर्दी-जुकाम, त्वचा रोग और सांस से जुड़ी बीमारियों के मामलों में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में बारिश और संभावित बर्फबारी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। किसानों को उम्मीद है कि मौसम में आए इस बदलाव से फसलों को फायदा पहुंचेगा और जमीन में नमी लौटेगी। वहीं, पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में बर्फबारी होती है तो मसूरी में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मौसम विभाग ने पहले ही उत्तराखंड के ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई थी। विभाग के अनुसार पूरे राज्य के पहाड़ी इलाकों में मौसम खराब रहने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों में मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।



