नोटिसों की सुनवाई, डेटा अपलोडिंग और व्यवस्थाओं का लिया जायज़ा
लखनऊ | विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद चल रही नोटिसों की सुनवाई और डेटा अपलोडिंग प्रक्रिया की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विशाख जी ने विधानसभा क्षेत्र 173 – लखनऊ पूर्व में औचक निरीक्षण किया।
विकास भवन स्थित सुनवाई केंद्रों का किया निरीक्षण
डीएम विशाख जी ने विकास भवन परिसर में संचालित बीआरसी एवं एईआरओ सुनवाई केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली की समीक्षा की। इस दौरान मतदाता सूची से जुड़े मामलों की सुनवाई प्रक्रिया, अभिलेखों की जांच और आम नागरिकों को दी जा रही सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया गया।
कई विभागीय कार्यालयों में चल रही है सुनवाई प्रक्रिया
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों ने जिला निर्वाचन अधिकारी को अवगत कराया कि विकास भवन में स्थित वीआरसी कक्ष के अलावा द्वितीय तल पर स्थित आईसीडीएस कार्यालय, नेडा कार्यालय और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय में भी मतदाता सूची से जुड़े नोटिसों की सुनवाई की जा रही है।

आम मतदाताओं की सुविधा पर दिया गया जोर
जिलाधिकारी ने सभी सुनवाई केंद्रों का भ्रमण करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने निर्देशित किया कि सुनवाई कक्षों के बाहर बैठने के लिए अतिरिक्त कुर्सियों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि दूर-दराज से आने वाले नागरिकों को इंतजार में परेशानी न हो।
पारदर्शिता और समयबद्धता पर प्रशासन का फोकस
जिला निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तमिला नोटिसों से संबंधित सभी मामलों की सुनवाई नियमित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाए तथा संबंधित डेटा समय पर ऑनलाइन अपलोड किया जाए, जिससे पुनरीक्षण कार्यक्रम तय समयसीमा में पूरा हो सके।
मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर प्रशासन प्रतिबद्ध
प्रशासन का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम न छूटे और अपात्र नामों को नियमानुसार हटाया जा सके।





