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“40 दिन में फैसला करो या सामना करो!” — योगी सरकार को शंकराचार्य का अल्टीमेटम, लखनऊ में संतों के महासंग्राम का ऐलान

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प्रयागराज माघ मेले के मौनी अमावस्या स्नान के दौरान धरने को लेकर चर्चा में आए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अब वाराणसी स्थित अपने विद्या मठ लौट आए हैं, लेकिन उनका तेवर पहले से कहीं ज़्यादा आक्रामक हो गया है। वाराणसी में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा और तीखा हमला बोला है और गोहत्या व मांस निर्यात को लेकर सरकार को 40 दिनों का अल्टीमेटम दे दिया है।शंकराचार्य ने कहा कि प्रशासन ने उनसे शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा था, जिसे उन्होंने सहजता से दे दिया। लेकिन अब सवाल मुख्यमंत्री से है—क्या हिंदू होना सिर्फ भगवा पहनने और भाषण देने तक सीमित है? उन्होंने कहा कि हिंदू होने की असली कसौटी गौ-सेवा और धर्म की रक्षा है, और अब मुख्यमंत्री को अपने हिंदू होने का प्रमाण देना होगा।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि सरकार अपने करीबी संतों और चेहरों के ज़रिए उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रही है, लेकिन इससे वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने सत्ता के सामने दो साफ शर्तें रखीं—महाराष्ट्र की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी गाय को राज्यमाता का दर्जा दिया जाए और यूपी से होने वाले हर प्रकार के मांस निर्यात पर तत्काल रोक लगाई जाए।

उन्होंने दावा किया कि देश के कुल मांस निर्यात में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक है और सवाल उठाया कि क्या रामराज्य गायों के खून से कमाए गए विदेशी डॉलर पर चलेगा? शंकराचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि भैंस के मांस के नाम पर गोवंश का निर्यात किया जा रहा है और जब तक हर कंटेनर का वैज्ञानिक परीक्षण अनिवार्य नहीं होता, तब तक इसे सरकार की मौन सहमति माना जाएगा।

शंकराचार्य ने साफ कहा कि सरकार के पास 40 दिन का वक्त है। अगर इस अवधि में गोमाता को राज्यमाता का दर्जा नहीं दिया गया, तो 10–11 मार्च को लखनऊ में संतों, महंतों और आचार्यों का महासमागम होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि उस दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को “नकली हिंदू” घोषित करने की स्थिति पैदा हो जाएगी।

शंकराचार्य का कहना है कि जो व्यक्ति गुरु गोरक्षनाथ की गद्दी का महंत होकर भी गोवंश की रक्षा नहीं कर सकता, उसे हिंदू कहलाने का नैतिक अधिकार नहीं है। इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले 40 दिन योगी सरकार के लिए बेहद निर्णायक माने जा रहे हैं।

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