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अखिलेश यादव का चुनाव आयोग को संदेश: 5 राज्यों के चुनाव में कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए

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आज यानी 15 मार्च को चुनाव आयोग की तरफ से पांच राज्यों West Bengal, Tamil Nadu, Assam, Puducherry और Kerala में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाएगी। चुनाव आयोग इस ऐलान को लेकर आज शाम 4 बजे Delhi के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा।

तारीखों के ऐलान से पहले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और अखिलेश यादव ने निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े किए, अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि चुनाव आयोग को कई बार सवालों का सामना करना पड़ा है, चाहे वह एसआईआर (Special Investigation Reports) को लेकर भेदभाव का मुद्दा हो या उपचुनाव में वोटों की हेराफेरी, कई बार आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ चुके हैं।

निष्पक्ष चुनाव का भरोसा दिलाने की मांग

अखिलेश यादव ने स्पष्ट कहा कि जब चुनाव आयोग आज पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा कर रहा है, तो उसे यह भरोसा जनता और राजनीतिक दलों को देना चाहिए कि चुनाव निष्पक्ष होंगे उन्होंने कहा, “यह संवैधानिक संस्था है और इसकी जिम्मेदारी बनती है कि उसकी विश्वसनीयता पर कोई सवाल न खड़ा हो, कहीं किसी के साथ भेदभाव न हो।”

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर टिप्पणी

पश्चिम बंगाल के चुनाव को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि Bharatiya Janata Party वहां कोई टक्कर नहीं दे रही और सिर्फ ‘रिस्पेक्टेड हार’ चाहती है, उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग जागरूक हो गए हैं और Mamata Banerjee एक बार फिर मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं, अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की बेईमानी के बावजूद बंगाल के लोग सच्चाई जानते हैं।

कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग

सपा प्रमुख ने कांशीराम की जयंती के मौके पर यह भी कहा कि “हम सब चाहते हैं कि कांशीराम को भारत रत्न मिले, मान्यवर कांशीराम ने बहुजन समाज को जागरूक करने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।” इस तरह, अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों को चेतावनी दी है कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी होने चाहिए, साथ ही बहुजन समाज के योगदान को भी मान्यता मिलनी चाहिए।

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