पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोनामुखी, नंदकुमार और कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए टीएमसी कांग्रेस और वामपंथी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने टीएमसी के ‘मां-माटी-मानुष’ नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज बंगाल में महिलाएं असुरक्षित हैं, जमीन पर घुसपैठियों का कब्जा बढ़ रहा है और आम लोग भय में जी रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीएमसी का मतलब अब “तुष्टिकरण, माफियाराज और कट मनी” बन चुका है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि दिल्ली में नरेंद्र मोदी की सरकार है और अब पश्चिम बंगाल में भी भाजपा की सरकार बनाकर “डबल इंजन” की ताकत को मजबूत किया जाए, जिससे कानून व्यवस्था सुधरे और दंगाइयों पर नियंत्रण हो सके।
उन्होंने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के मुद्दे पर उन्होंने चुप्पी साध रखी है। योगी ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण इस विषय पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी गई। साथ ही उन्होंने सीमा पर फेंसिंग और अवैध घुसपैठ रोकने की जरूरत पर जोर दिया।
बंगाल की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो राज्य कभी संस्कृति, शिक्षा और उद्योग का केंद्र था, वह आज पिछड़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस, फिर वाम दलों और अब टीएमसी ने राज्य को आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर किया है। उद्योगों के पलायन और किसानों की खराब स्थिति का भी उन्होंने जिक्र किया।
उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां बड़े पैमाने पर उद्योग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों का विकास हुआ है और करोड़ों युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है और “नो कर्फ्यू, नो दंगा” का माहौल स्थापित हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी ने “बुलडोजर मॉडल” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रतीक है और जहां डबल इंजन सरकार होती है, वहां इस तरह की कार्रवाई प्रभावी रूप से लागू होती है। उन्होंने बंगाल की सांस्कृतिक पहचान पर भी चिंता जताई और कहा कि बांग्ला भाषा और परंपराओं को कमजोर करने की कोशिश हो रही है, जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। अपने संबोधन में उन्होंने बंगाल के महान राष्ट्रनायकों जैसे खुदीराम बोस , सुभाष चंद्र बोस ,स्वामी विवेकानंद , रबिन्द्रनाथ टैगोर और बंकिम चंद्र चट्टोंपाध्याय को याद करते हुए कहा कि बंगाल की धरती हमेशा राष्ट्रवाद और आध्यात्मिकता की प्रेरणा रही है।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल अब परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ रहा है और जनता के समर्थन से राज्य में विकास, सुरक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।






