भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की 14 अप्रैल को मनाई जाने वाली जयंती के अवसर से पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए एक पत्र लिखा है जिसमे उन्होंने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को अपनाने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन भारतीय संविधान के शिल्पकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिनकी दूरदृष्टि ने करोड़ों लोगों को सम्मानजनक जीवन का अधिकार दिलाया। उन्होंने बाबासाहेब के प्रसिद्ध संदेश—“शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो”—को आज के समय में भी मार्गदर्शक बताया।
उन्होंने कहा कि बाबासाहेब न केवल एक महान न्यायविद, अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे, बल्कि एक संवेदनशील समाज सुधारक भी थे। शिक्षा के प्रति उनकी लगन और अनुशासन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा है। सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गरीब, वंचित, महिलाओं और युवाओं तक राशन, आवास, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाओं और ‘घरौनी’ जैसी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। छात्रवृत्ति, सामूहिक विवाह योजना और आवास योजनाएं भी कमजोर वर्गों के लिए सहारा बनी हैं। अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि बाबासाहेब के नाम पर छात्रावासों के निर्माण और पुनर्निर्माण की योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं, जिससे दलित और कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही, सरकार ‘जीरो पॉवर्टी’ के लक्ष्य की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों में अच्छी पुस्तकों का संग्रह रखें, स्वयं पढ़ें और बच्चों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब के विचारों को अपनाकर ही समरस, सशक्त और समृद्ध प्रदेश का निर्माण संभव है।






