राजस्थान की राजनीति का एक पुराना लेकिन बेहद संवेदनशील अध्याय एक बार फिर सुर्खियों में है, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डीडवाना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 2020 के मानेसर कांड का जिक्र करते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया, जिसके बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में दिया बयान
डीडवाना में अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अशोक गहलोत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे, इस दौरान उन्होंने सीधे तौर पर केंद्र सरकार और बीजेपी नेतृत्व पर निशाना साधा, गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उनकी पार्टी के विधायकों को प्रभावित कर सरकार गिराने की कोशिश की थी।
“सरकार गिराने की साजिश” का आरोप
गहलोत ने कहा कि राजस्थान की सरकार को अस्थिर करने के लिए बड़े स्तर पर राजनीतिक रणनीति बनाई गई थी, उन्होंने दावा किया कि इसके पीछे करोड़ों रुपये खर्च कर अन्य राज्यों में सरकारें गिराने की घटनाओं का भी उदाहरण दिया गया, उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार कठिन परिस्थितियों में भी मजबूती से खड़ी रही और विपक्षी प्रयास सफल नहीं हो सके।
मानेसर कांड फिर चर्चा में
गहलोत ने अपने संबोधन में 2020 के मानेसर कांड का भी उल्लेख किया, जब कांग्रेस के कई विधायक राजनीतिक संकट के दौरान अलग हो गए थे, उन्होंने कहा कि उस समय कुछ नेताओं की रणनीति और विश्वास के कारण सरकार बच सकी, इस बयान के बाद एक बार फिर सचिन पायलट से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है।
बीजेपी पर तीखे हमले
पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी प्रदेश नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आरोप लगाने वाले वही लोग हैं, जिनकी वजह से सरकार को उस समय राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ा था, गहलोत के इस बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट बढ़ गई है, मानेसर कांड से जुड़ी पुरानी यादें फिर से ताजा हो गई हैं और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज हो सकती है।






