Home Uncategorized अटल आवासीय विद्यालयों ने रचा इतिहास, पहली ही सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में...

अटल आवासीय विद्यालयों ने रचा इतिहास, पहली ही सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 93.15% परिणाम

21
0

उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी अटल आवासीय विद्यालय योजना ने अपनी पहली ही सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में ऐतिहासिक सफलता दर्ज कर शिक्षा के क्षेत्र में नया मानक स्थापित कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत संचालित विद्यालयों ने कक्षा 10 की पहली बोर्ड परीक्षा में 93.15% का उत्कृष्ट परिणाम हासिल किया है। इस वर्ष कुल 2,178 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में भाग लिया, जिनमें से अधिकांश विद्यार्थी सफल घोषित हुए। यह उपलब्धि न केवल विद्यार्थियों की मेहनत और अनुशासन को दर्शाती है, बल्कि राज्य सरकार की दूरदर्शी नीति, आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं और शिक्षकों के समर्पण का भी प्रतिफल है।

इस परीक्षा में वाराणसी और प्रयागराज के अटल आवासीय विद्यालयों ने 100% परिणाम हासिल कर पूरे प्रदेश में उत्कृष्टता का नया मानदंड स्थापित किया। इन विद्यालयों का प्रदर्शन यह साबित करता है कि सही संसाधन, मार्गदर्शन और शैक्षणिक वातावरण मिलने पर छात्र किसी भी ऊंचाई को छू सकते हैं।

व्यक्तिगत उपलब्धियों की बात करें तो आजमगढ़ के संगम यादव ने 97.6% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वाराणसी के हर्ष कुशवाहा ने 97.2% अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि प्रयागराज के हर्षित ने 95.8% अंक लेकर तृतीय स्थान हासिल किया। आगरा के गणेश (95.4%) और मुरादाबाद के उदय प्रताप (95%) ने क्रमशः चौथा और पांचवां स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा, 50 से अधिक विद्यार्थियों ने 90% से ज्यादा अंक हासिल किए, जबकि लगभग 250 छात्रों ने 80% से 90% के बीच अंक प्राप्त कर विद्यालयों के उच्च शैक्षणिक स्तर को और मजबूत किया।

श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अटल आवासीय विद्यालय योजना को विशेष रूप से निर्माण श्रमिकों और वंचित वर्ग के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए डिजाइन किया गया है। आधुनिक आधारभूत संरचना, योग्य शिक्षक और समग्र विकास पर आधारित मॉडल से इन बच्चों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

वहीं, प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम ने बताया कि बोर्ड परीक्षा से पहले सभी प्रधानाचार्यों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। आंतरिक परीक्षाओं की प्रगति का आकलन कर पीयर लर्निंग, मॉक टेस्ट सीरीज और सतत मूल्यांकन जैसी रणनीतियां अपनाई गईं, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है।

अटल आवासीय विद्यालयों की महानिदेशक पूजा यादव ने कहा कि विद्यालयों में अनुशासित और प्रोत्साहक शैक्षणिक वातावरण बनाया गया है। शिक्षकों, प्रशासन और प्रबंधन के सामूहिक प्रयासों से हर विद्यार्थी को अपनी पूरी क्षमता दिखाने का अवसर मिला है।

प्रथम बोर्ड परीक्षा में मिली इस सफलता को योजना की पारदर्शिता और गुणवत्ता का प्रमाण माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले वर्षों में अटल आवासीय विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में उभरेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना मुख्य रूप से निर्माण श्रमिकों, निराश्रित और वंचित परिवारों के बच्चों को आवासीय सुविधा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। योजना के तहत विद्यालयों में आधुनिक कक्षाएं, डिजिटल लर्निंग, खेलकूद, कौशल विकास और व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव इस बोर्ड परीक्षा के परिणाम में साफ दिखाई दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here