Central Board of Secondary Education (CBSE) ने 10वीं कक्षा का परिणाम जारी करने के बाद अब दूसरे चरण की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड के अनुसार, सेकेंड फेज की परीक्षाएं मई के दूसरे सप्ताह में आयोजित होने की संभावना है।
LOC जमा करने की प्रक्रिया शुरू
दूसरी परीक्षा में शामिल होने के लिए एलओसी (List of Candidates) जमा करने की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई है, जो 20 अप्रैल तक चलेगी। इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी स्कूलों को सौंपी गई है।
कौन छात्र दे सकते हैं परीक्षा?
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कौन-से छात्र दूसरी परीक्षा के लिए पात्र हैं। इसमें वे छात्र शामिल हैं:
जो पहली बार एलओसी में शामिल नहीं हो पाए , जिन्होंने पहले नाम दर्ज कराया लेकिन फीस नहीं जमा की , कंपार्टमेंट श्रेणी के छात्र , अपनी परफॉर्मेंस सुधारने वाले छात्र
स्कूलों की जिम्मेदारी बढ़ी
स्कूलों को छात्रों के विषयों की सही जानकारी दर्ज करने, डेटा की जांच करने और तय समय सीमा के भीतर सीबीएसई पोर्टल पर अपलोड करने की जिम्मेदारी दी गई है। बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि छात्रों को सही मार्गदर्शन दिया जाए, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
विषय चयन में बदलाव की सुविधा
सीबीएसई ने गणित विषय में बदलाव की अनुमति दी है। गणित स्टैंडर्ड वाले छात्र अब बेसिक चुन सकते हैं हालांकि, अन्य विषयों में किसी भी प्रकार के बदलाव की अनुमति नहीं दी गई है।
समय सीमा का रखें ध्यान
बोर्ड ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे छात्रों का डेटा सावधानीपूर्वक जांचें और समय सीमा के भीतर सही तरीके से सबमिट करें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके। कुल मिलाकर, सेकेंड फेज परीक्षा उन छात्रों के लिए एक अहम मौका है, जो अपने प्रदर्शन को सुधारना चाहते हैं या किसी कारणवश पहली बार परीक्षा नहीं दे पाए थे।






