बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है, उन्होंने सरकार पर महिलाओं के मुद्दे को केवल चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
महिला आरक्षण बिल पर बड़ा आरोप
तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार महिलाओं के प्रति संवेदनशील नहीं है और वह केवल राजनीतिक फायदे के लिए ऐसे बिल लाती है, उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल पहले से ही “नियोजित साजिश” का हिस्सा था, क्योंकि सरकार को पता था कि उसके पास इसे पास कराने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं है, तेजस्वी ने यह भी कहा कि इस तरह के फैसलों से जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जाती है, लेकिन विपक्ष ने इसे मजबूती से उजागर किया है।
BJP पर सीधा हमला
तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “सबसे बड़े महिला विरोधी लोग बीजेपी वाले खुद हैं,” उन्होंने दावा किया कि सरकार इस बिल के जरिए महिलाओं के बीच भ्रम पैदा करना चाहती है, उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले चुनावों में जनता इसका जवाब देगी और सरकार की नीतियों को खारिज करेगी।
सम्राट चौधरी पर तंज
तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, उन्होंने कहा कि सरकार लगातार यह कह रही है कि वह नीतीश कुमार के अधूरे कामों को आगे बढ़ाएगी, लेकिन यह बात कहने की जरूरत क्यों पड़ रही है, उन्होंने शराबबंदी और अन्य नीतियों का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए साथ ही यह भी कहा कि प्रशासनिक फैसलों में बाहरी हस्तक्षेप बढ़ रहा है।
बढ़ती राजनीतिक टकराव
बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, एक तरफ सरकार अपने एजेंडे को मजबूत करने में जुटी है, वहीं विपक्ष लगातार उसे घेरने की रणनीति अपना रहा है, महिला आरक्षण बिल को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राष्ट्रीय स्तर की सियासी बहस का हिस्सा बनता जा रहा है।






