योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पारित नहीं होने को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। रविवार को लखनऊ स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन का यह कृत्य “अक्षम्य पाप” है, जिसे देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी।
सीएम योगी ने कहा कि संसद में जिस तरह विपक्ष ने इस विधेयक को पारित होने से रोका और बाद में जश्न मनाया, वह महिला सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने इसकी तुलना महाभारत के द्रौपदी चीरहरण प्रसंग से करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कदम उठा रही है। 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को जल्द लागू करने के उद्देश्य से संशोधन लाया गया था, ताकि 2034 के बजाय 2029 से ही महिलाओं को 33% आरक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीटों में वृद्धि कर आरक्षण लागू किया जाएगा, जिससे किसी भी राज्य या वर्ग का अधिकार प्रभावित नहीं होगा।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके और अन्य दलों का रवैया नारी-विरोधी रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल हमेशा महिला सशक्तिकरण से जुड़े प्रगतिशील कदमों में बाधा डालते रहे हैं। सीएम योगी ने मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माण के दौरान धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध किया गया था और डॉ. भीमराव अंबेडकर व सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी इसे खारिज किया था। उन्होंने शाहबानो प्रकरण और तीन तलाक कानून का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सीएम ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से महिलाओं के जीवन में व्यापक सुधार हुआ है। प्रदेश सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को जन्म से लेकर शिक्षा तक आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं, स्वयं सहायता समूहों और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। यूपी पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या में वृद्धि और सरकारी नौकरियों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी इसका प्रमाण है।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति के सम्मान और अधिकारों के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे महिला-विरोधी मानसिकता रखने वाले दलों को जवाब दें। साथ ही कहा कि एनडीए गठबंधन नारी शक्ति के साथ मजबूती से खड़ा है।





