उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर महिलाओं के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर गलत तरीके से वायरल करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि आरोपी वीडियो रिकॉर्ड करता था, फिर उन्हें एडिट कर आपत्तिजनक रूप में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करता था।पुलिस ने आरोपी को सर्विलांस टीम की मदद से पकड़ा है। अब उससे पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
आरोपी की पहचान हसन खान के रूप में
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक का नाम हसन खान है, जो बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उस पर आरोप है कि वह अलग-अलग कार्यक्रमों, शादियों और सामाजिक आयोजनों में पहुंचता था और वहां मौजूद महिलाओं व युवतियों के वीडियो बना लेता था।इसके बाद वह उन वीडियो को एडिट करके सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट से अपलोड करता था।
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शादी और पारिवारिक कार्यक्रमों में जाता था
जानकारी के मुताबिक आरोपी खासतौर पर शादी समारोह, बारात और अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों में जाता था। वहां लोगों के बीच घुलमिलकर मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करता था। बाद में उन्हीं वीडियो का गलत इस्तेमाल किया जाता था।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितने लोगों के वीडियो रिकॉर्ड किए और किन-किन प्लेटफॉर्म पर उन्हें साझा किया।
फर्जी सोशल मीडिया आईडी का इस्तेमाल
जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर वीडियो पोस्ट करता था। इससे उसकी पहचान छिपी रहती थी। पुलिस अब उन अकाउंट्स की भी जांच कर रही है जिनका इस्तेमाल वीडियो वायरल करने के लिए किया गया।साइबर टीम यह भी पता लगा रही है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके साथ कोई और लोग भी जुड़े थे।
फंडिंग के आरोपों की भी जांच
कुछ लोगों ने दावा किया है कि आरोपी को वीडियो बनाने और वायरल करने के बदले पैसे भी मिलते थे। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।जांच एजेंसियां अब आरोपी के मोबाइल, बैंक रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।
कई परिवारों पर पड़ा असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी की हरकतों से कई परिवार परेशान हुए। जिन महिलाओं और लड़कियों के वीडियो वायरल हुए, उन्हें सामाजिक परेशानी का सामना करना पड़ा।कुछ मामलों में परिवारों के बीच तनाव भी बढ़ा। पुलिस पीड़ित परिवारों से भी संपर्क कर रही है।
पुलिस वर्दी पहनने का भी आरोप
आरोपी पर यह भी आरोप है कि वह कभी-कभी पुलिस जैसी वर्दी पहनकर लोगों को भ्रमित करता था। हालांकि पुलिस इसकी भी जांच कर रही है कि वह असली वर्दी थी या सिर्फ मिलती-जुलती ड्रेस।अगर यह आरोप सही पाया गया तो उसके खिलाफ अतिरिक्त धाराएं लगाई जा सकती हैं।
पुलिस ने क्या कहा?
बरेली पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। आरोपी से पूछताछ जारी है और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाए जा रहे हैं। जिन लोगों के वीडियो वायरल हुए हैं, वे शिकायत दर्ज करा सकते हैं।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को शेयर न करें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
डिजिटल सुरक्षा को लेकर चेतावनी
यह मामला एक बार फिर बताता है कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कितना नुकसान पहुंचा सकता है। लोगों को निजी कार्यक्रमों में भी सतर्क रहने और अनजान लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।फिलहाल पुलिस जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा करने की तैयारी में है।






