उत्तर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक शहर आगरा अब केवल ‘ताज नगरी’ के रूप में ही नहीं, बल्कि “विश्व की शू कैपिटल” के रूप में भी वैश्विक पटल पर अपनी धाक जमाने जा रहा है। ‘इंडिया-न्यूजीलैंड बिज़नेस मीट’ में इस ऐतिहासिक पहल का शंखनाद किया गया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले की गरिमामयी उपस्थिति में हुए इस आयोजन ने स्पष्ट कर दिया है कि आगरा का फुटवियर उद्योग उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा गेमचेंजर साबित होने वाला है। इस पहल से प्रदेश के व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को अभूतपूर्व फायदे होंगे।
आगरा पहले से ही भारत के लेदर फुटवियर निर्यात में 75% से अधिक का महत्वपूर्ण योगदान देता है। इस मीट में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), CEPA और द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से उत्तर प्रदेश से होने वाले निर्यात में 3 से 5 गुना तक वृद्धि की संभावना जताई गई है। न्यूजीलैंड जैसे देशों के साथ कच्चे माल की आपूर्ति और डिजाइन इनोवेशन में साझेदारी से यूपी के उत्पादों की यूरोप, अमेरिका और मध्य-पूर्व के बाजारों में पैठ और मजबूत होगी, जिससे प्रदेश के राजस्व में भारी वृद्धि होगी।
उत्तर प्रदेश का आगरा क्लस्टर वर्तमान में 5,000 से अधिक एमएसएमई इकाइयों का संचालन करता है, जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 4 से 5 लाख लोगों को रोजगार प्रदान कर रही हैं। उद्योग को वैश्विक हब बनाने की इस पहल और विदेशी निवेश आने से इन एमएसएमई इकाइयों का विस्तार होगा। इसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश के युवाओं और कारीगरों के लिए बड़े पैमाने पर नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और पलायन रुकेगा।
आगरा को वैश्विक स्तर पर चीन और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर का भरपूर लाभ मिलेगा। जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) में प्रस्तावित फुटवियर पार्क आगरा के लॉजिस्टिक्स को विश्वस्तरीय बना देंगे। इससे यूपी के माल की ढुलाई सस्ती और तेज होगी, जो विदेशी खरीदारों को राज्य की ओर आकर्षित करने का एक प्रमुख कारण बनेगा।
इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश को एक नई ग्लोबल ब्रांडिंग मिलेगी। आगरा को “फुटवियर उत्कृष्टता की नगरी” के रूप में स्थापित किया जाएगा और उत्पादों को जीआई टैग के जरिये अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाएगी। न्यूज़ीलैंड के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई चर्चा के बाद यह तय है कि यूपी में अब केवल माल नहीं बनेगा, बल्कि संयुक्त उत्पादन और विश्वस्तरीय डिजाइन इनोवेशन के लिए बड़ा विदेशी निवेश (एफडीआई) भी आएगा, जिससे प्रदेश की तकनीकी क्षमता में इजाफा होगा।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि सरकार उद्योग को हर संभव नीतिगत समर्थन (जैसे 2030 तक कंपोनेंट्स पर शून्य ड्यूटी और ब्याज सब्सिडी) देने के लिए प्रतिबद्ध है। काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स (CLE) के चेयरमैन रमेश कुमार जुनेजा और फुटवियर विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर सहित तमाम उद्योगपतियों ने इसे एक युगांतकारी कदम बताया। निश्चित रूप से यह पहल उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनामी’ बनाने के लक्ष्य में एक मील का पत्थर साबित होगी।






