फतेहपुर सर्राफा संगठन ने आभूषण व्यवसाय से जुड़े गिरवी लेनदेन विवादों को लेकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सोना-चांदी की कीमतों में तेजी के चलते वर्षों पुराने बंद हो चुके मामलों को दोबारा विवादित किया जा रहा है, जिससे व्यापारियों को कानूनी, आर्थिक और प्रतिष्ठागत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कई मामलों में पुलिस बिना प्रारंभिक जांच और बिना दोनों पक्षों को सुने ही एफआईआर दर्ज कर रही है या दबावपूर्ण कार्रवाई कर रही है। साथ ही बिना नोटिस व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर कार्रवाई करने से व्यापारियों में भय और अस्थिरता का माहौल बन रहा है। सराफा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कुलदीप उर्फ पप्पन रस्तोगी ने कहा कि गिरवी लेनदेन से जुड़े अधिकांश मामले दीवानी प्रकृति के होते हैं, जिनमें पुलिस का हस्तक्षेप सीमित होना चाहिए। केवल आपराधिक तत्व पाए जाने पर ही कार्रवाई उचित है सराफा एसोसिएशन ने मांग की है कि किसी भी कार्रवाई से पहले अनिवार्य जांच की जाए, दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही निर्णय लिया जाए और बिना पर्याप्त साक्ष्य के एफआईआर दर्ज न की जाए। साथ ही पुलिस को निर्देशित किया जाए कि वह व्यापारियों के साथ सभ्य और विधिसम्मत व्यवहार सुनिश्चित करे। अंत में सराफा एसोसिएशन के उमेश सोनी ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग करते हुए कहा कि इससे अनावश्यक विवाद और व्यापारियों के उत्पीड़न पर रोक लग सकेगी।






