बिहार में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। Patna सहित प्रदेश के 11 शहरों के आसपास ‘ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसी कड़ी में राजधानी के पास ‘पाटलिपुत्र टाउनशिप’ बसाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यह परियोजना आने वाले समय में बिहार के शहरी नक्शे को पूरी तरह बदल सकती है।
275 गांव होंगे टाउनशिप का हिस्सा
‘पाटलिपुत्र टाउनशिप’ के दायरे में करीब 275 गांव शामिल किए जाएंगे। इन क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक लगा दी गई है, ताकि योजना को व्यवस्थित तरीके से लागू किया जा सके। सरकार इस पूरे इलाके को एक आधुनिक और योजनाबद्ध शहर के रूप में विकसित करना चाहती है।
किसानों को कैसे होगा फायदा?
इस परियोजना में ‘लैंड पूलिंग पॉलिसी’ लागू की जाएगी। इसके तहत किसानों और जमीन मालिकों से अविकसित जमीन ली जाएगी और उस पर सड़क, बिजली, पानी जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।विकास कार्य पूरा होने के बाद कुल जमीन का लगभग 55 फीसदी हिस्सा विकसित प्लॉट के रूप में वापस मालिकों को दिया जाएगा। इससे किसानों को उनकी जमीन की बढ़ी हुई कीमत का सीधा लाभ मिलेगा और वे आर्थिक रूप से मजबूत हो सकेंगे।
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कितने बड़े इलाके में बनेगी टाउनशिप?
यह टाउनशिप पटना के आसपास के 9 प्रखंडों—पुनपुन, फतुहा, संपतचक, दनियावां, धनरुआ, मसौढ़ी, नौबतपुर, फुलवारीशरीफ और पटना सदर—के गांवों को मिलाकर बनाई जाएगी।इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 81,730 एकड़ होगा, जो इसे बिहार की सबसे बड़ी शहरी परियोजनाओं में शामिल करता है।
लोकेशन और कनेक्टिविटी
सरकार की योजना के मुताबिक, ‘पाटलिपुत्र टाउनशिप’ ऐसी जगह विकसित की जाएगी, जहां से Patna शहर की दूरी करीब 13 किलोमीटर होगी।
- Patna Junction – लगभग 20 किमी
- Jay Prakash Narayan International Airport – करीब 24 किमी
इसके अलावा, इस टाउनशिप को प्रमुख सड़कों और एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा, जिनमें बिहटा-सरमेरा रिंग रोड, पटना-गया-डोभी फोरलेन और आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इससे आने-जाने में काफी सुविधा होगी।
सिर्फ रिहायशी नहीं, बनेगा इकोनॉमिक हब
‘पाटलिपुत्र टाउनशिप’ को सिर्फ एक रिहायशी क्षेत्र नहीं, बल्कि एक मल्टी-फंक्शनल इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा।
यहां कई खास जोन बनाए जाएंगे, जैसे:
- स्पोर्ट्स सिटी (अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के साथ)
- फिनटेक हब
- ज्यूडिशियल एकेडमी
- लॉजिस्टिक और ट्रेड हब
इन सुविधाओं के जरिए यह क्षेत्र रोजगार, व्यापार और निवेश का बड़ा केंद्र बन सकता है।
बिहार के विकास में बड़ा कदम
‘पाटलिपुत्र टाउनशिप’ परियोजना बिहार में तेजी से हो रहे शहरीकरण की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। इससे न सिर्फ राजधानी पर बढ़ता दबाव कम होगा, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का भी तेजी से विकास होगा।आने वाले वर्षों में यह टाउनशिप आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार के अवसरों के साथ बिहार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।






