पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख Mamata Banerjee ने विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस परिणाम को लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करने वाला बताते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि यह जीत जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि “साजिश और मिलीभगत” का नतीजा है।
एक प्रेस बयान में Mamata Banerjee ने कहा कि उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में ऐसा “गंदा खेल” पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा, “मैं अपने छात्र जीवन से चुनाव देखती आ रही हूं। कई सरकारें बनते-बिगड़ते देखी हैं, लेकिन इस तरह का अत्याचार और हस्तक्षेप पहले कभी नहीं देखा। चुनाव में हार-जीत स्वाभाविक है, लेकिन इस तरह से जनादेश छीना नहीं जाता।”
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान और परिणामों के बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और दफ्तरों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई कार्यालयों पर कब्जा करने की कोशिश की गई और कोलकाता स्थित तृणमूल भवन तक पर दबाव बनाया गया। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी से जुड़े नेताओं के दफ्तरों पर हमले और पथराव की घटनाएं सामने आई हैं।
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उन्होंने सोमवार, 4 मई 2026 को हुई घटनाओं को “बंगाल के इतिहास का काला दिन” बताया। उनके अनुसार, जिस तरह की हिंसा और दबाव की स्थिति बनी, उसने लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरी चोट पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि यह घटनाएं सिर्फ एक राजनीतिक हार-जीत का मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद पर सवाल खड़ा करती हैं।
Mamata Banerjee ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को लेकर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस जल्द ही एक 10 सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन करेगी, जो उन सभी इलाकों का दौरा करेगी जहां कथित तौर पर अत्याचार और गड़बड़ियां हुई हैं। यह कमेटी अपनी रिपोर्ट तैयार कर पूरे मामले को सार्वजनिक करेगी।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि चुनाव आयोग और भाजपा के खिलाफ आगे कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई की जाएगी, हालांकि उन्होंने रणनीति का खुलासा करने से इनकार किया। “हम कार्रवाई जरूर करेंगे, लेकिन क्या कदम उठाए जाएंगे, यह आपसी चर्चा के बाद तय होगा,” उन्होंने कहा।
भविष्य को लेकर आत्मविश्वास जताते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस वापसी करेगी। उन्होंने कहा, “राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन हम फिर से जनता के बीच जाएंगे और मजबूत होकर लौटेंगे। जब बीजेपी सत्ता से बाहर होगी, तब उसे भी इन हालातों का सामना करना पड़ेगा।”
इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। जहां एक ओर भाजपा अपनी जीत को ऐतिहासिक बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताकर संघर्ष की तैयारी में जुट गई है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है।






