अब हर महीने आएगा पोस्टपेड बिजली बिल, बकाया भी किस्तों में जमा होगा
उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था खत्म करने का फैसला लिया है, अब प्रदेश में सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड में काम करेंगे। यानी उपभोक्ताओं को हर महीने बिजली का बिल मिलेगा और बार-बार रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी, ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के अनुसार, नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है, सरकार का कहना है कि इससे बिजली बिलिंग सिस्टम ज्यादा आसान और पारदर्शी बनेगा।
हर महीने की 10 तारीख तक आएगा बिल
नई व्यवस्था के तहत बिजली उपभोक्ताओं को हर महीने की 10 तारीख तक बिल जारी कर दिया जाएगा, बिल भरने के लिए उपभोक्ताओं को 15 दिन का समय मिलेगा, अगर तय समय तक बिल जमा नहीं किया गया, तो 7 दिन की डिस्कनेक्शन अवधि लागू होगी। इसके बाद लेट पेमेंट सरचार्ज भी देना होगा।
अब नए कनेक्शन भी होंगे पोस्टपेड
सरकार ने साफ किया है कि अब प्रदेश में सभी नए बिजली कनेक्शन सिर्फ पोस्टपेड मोड में ही दिए जाएंगे, पहले प्रीपेड सिस्टम में जो सिक्योरिटी राशि एडजस्ट की जाती थी, उसे अब चार आसान किस्तों में बिल के साथ जोड़ा जाएगा।
पुराने बकाया बिल पर बड़ी राहत
सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए पुराने बकाया बिल जमा करने के लिए किस्तों की सुविधा भी दी है, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 अप्रैल 2026 तक का बकाया बिल 10 आसान किस्तों में जमा किया जा सकेगा, अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए बकाया राशि तीन हिस्सों में जमा करनी होगी, 40 प्रतिशत, 30 प्रतिशत, 30 प्रतिशत
शिकायतों के समाधान के लिए लगेंगे विशेष कैंप
15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक पूरे उत्तर प्रदेश में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। ये कैंप सभी अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों में आयोजित होंगे, इन कैंपों में मोबाइल नंबर अपडेट, स्मार्ट मीटर शिकायत, बिलिंग समस्या, रीडिंग संबंधित शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाएगा।
SMS, WhatsApp और हेल्पलाइन से भी मिलेगी जानकारी
उपभोक्ता अब SMS, WhatsApp, 1912 हेल्पलाइन के जरिए भी अपना बिजली बिल देख सकेंगे।
जून 2026 से लागू होगी नई बिलिंग
ऊर्जा विभाग के मुताबिक, RDSS योजना के तहत लगाए गए सभी स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड मोड में चलेंगे, मई 2026 में इस्तेमाल हुई बिजली का बिल जून 2026 में जारी किया जाएगा।
सरकार ने क्यों लिया फैसला?
ऊर्जा मंत्री के अनुसार, स्मार्ट प्रीपेड व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सरकार ने पोस्टपेड सिस्टम लागू करने का फैसला लिया है।
नई व्यवस्था:
- उपभोक्ताओं के लिए आसान होगी
- बिलिंग प्रक्रिया को सरल बनाएगी
- पारदर्शिता बढ़ाएगी
- बिजली सेवाओं को बेहतर करेगी
किन क्षेत्रों में लागू होगा सिस्टम?
यह नई व्यवस्था प्रदेश के सभी प्रमुख बिजली वितरण निगमों में लागू होगी:
- पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम
- मध्यांचल विद्युत वितरण निगम
- दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम
- पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम
- केस्को कानपुर
सरकार ने यह भी कहा है कि जहां ऑटोमैटिक रीडिंग संभव नहीं होगी, वहां मैनुअल रीडिंग की व्यवस्था की जाएगी।






